कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के लखनऊ में हुए अवार्ड समारोह में मिस मैनेजमेंट के चलते यूपीसीए की किरकिरी हो गई। इस समारोह में यूपीसीए से संबद्ध सबसे पुरानी संस्था कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) के पदाधिकारियों को नहीं बुलाया गया। इससे नाराज केसीए के सचिव ने यूपीसीए के अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाया है। जबकि दो साल पहले गठित हुई कानपुर नगर क्रिकेट एसोसिएशन (केएनसीए) के कई पदाधिकारी समारोह में मौजूद रहे।
यूपीसीए के डायरेक्टर शोएब अहमद का कहना है कि कानपुर लोकल की जिम्मेदारी जीएम रोहित तलवार और मीडिया प्रभारी तालिब को सौंपी गई थी। यहां लखनऊ में 150 लोगों के खाने पीने की व्यवस्था की गई थी, जबकि पहुंचे सिर्फ 100 लोग। मैं कानपुर आने पर दोनों से इसकी जानकारी करूंगा। उधर यूपीसीए के जीएम रोहित तलवार से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वर्किंग कमेटी का निर्णय था। मुझे इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है। केसीए के अध्यक्ष रवींद्र पांडेय का कहना है कि आखिर हम लोगों को क्यों नहीं बुलाया गया? जबकि केएनसीए वालों को बुलाया गया और उन्होंने खिलाड़ियों का सम्मान भी किया है। यह तो गलत है। आलम यह रहा कि केसीए से जुड़े खिलाड़ी कुलदीप यादव की गैरमौजूदगी में यह पुरस्कार केएनसीए के राम गोपाल शर्मा को लेना पड़ा।