कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए और बीसीए के 150 नए कालेजों को संबद्धता मिल गई है। इनमें कानपुर नगर के 30 कालेज शामिल हैं। 20 पुराने कालेजों ने भी नए कोर्स की संबद्धता प्राप्त की है। कुल मिलाकर अब शहर के कालेजों में ग्रेजुएशन की करीब 8 हजार सीटें बढ़ जाएंगी। बढ़ी सीटें चालू सत्र 2014-15 से भरी जाएंगी। इसका भी सर्कुलर जारी हो गया है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी से संबद्ध 300 पुराने कालेजों में भी ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर की 20 हजार सीटें बढ़ी हैं। इन कालेजों ने एक-एक कोर्स की 60-60 या उससे ज्यादा सीटों की संबद्धता मांगी थी।
यूनिवर्सिटी का दायरा कानपुर नगर, कानपुर देहात और अमेठी आंशिक को लेकर प्रदेश के 15 जिलों में फैला है। यहां राजकीय, अनुदानित और सेल्फ फाइनेंस के 850 कालेज हैं, जहां कि 12 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। नए शैक्षिक सत्र से 150 नए कालेज खोलने के प्रस्ताव मिले थे। इन प्रस्तावों का शासन ने अध्ययन किया और जून के पहले सप्ताह के दौरान लखनऊ में हुई मीटिंग में संबद्धता देने का फैसला कर लिया। इसकी पुष्टि रजिस्ट्रार सय्यद वकार हुसैन ने की है। रजिस्ट्रार ने कहा कि बीए फर्स्ट ईयर की 420 सीटों (60-60 सीटों के सात सेक्शन) की संबद्धता दी गई है। बीएससी फर्स्ट ईयर की 240 (60-60 सीटों के चार सेक्शन) और बीकॉम फर्स्ट ईयर की 120 सीटें (60-60 सीटों के दो सेक्शन) की संबद्धता शासन ने दी है। बीबीए और बीसीए की 120-120 सीटों की संबद्धता दी गई है। जो सीटें बढ़ी हैं, उनपर चालू शैक्षिक सत्र से ही एडमिशन लिए जा सकेंगे। रजिस्ट्रार ने बताया कि 300 से ज्यादा पुराने कालेज ऐसे हैं, जिन्होंने नए कोर्स की संबद्धता मांगी थी। इनके आवेदन फार्म पर विचार हुआ और स्क्रीनिंग के बाद संबद्धता देने पर फैसला किया गया। इन कालेजों को बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए सहित तमाम अन्य कोर्स की संबद्धता मिली है। नए और पुराने कालेजों को मिला लिया जाए तो ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर की 40 हजार से ज्यादा सीटें बढ़ जाएंगी।
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बीए एलएलबी आनर्स की पढ़ाई अब अगले सत्र से
कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्धता मांगने वाले लॉ कालेजों में इस बार (2014-15 से) बीए एलएलबी आनर्स की पढ़ाई नहीं होगी। इंटरमीडिएट के बाद सीधे एडमिशन वाले इस इंटीग्रेटेड कोर्स की एडमिशन प्रक्रिया फिलहाल अगले सत्र तक टाल दी गई है। रजिस्ट्रार सय्यद वकार हुसैन ने बताया कि 10 कालेजों को एलएलबी पांच वर्षीय कोर्स की एनओसी दी गई है। ये कालेज अब बार काउंसिल आफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता लेकर आएंगे। सीटें निर्धारित होंगी, फिर 2015-16 से एडमिशन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस बार एलएलबी 3 ईयर के सेमेस्टर कोर्स की एडमिशन प्रक्रिया ही पूरी की जाएगी।