फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुलंद हुई यंगिस्तान की आवाज

Sat, 26 Oct 2013 05:40 AM IST
Kanpur
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कानपुर। आईआईटी के एनुअल कल्चरल फेस्ट ‘अंतराग्नि 2013’ के दूसरे दिन शुक्रवार को मौज-मस्ती के साथ सोशल एक्टिविटी के जरिये यंगिस्तान ने अपनी आवाज भी बुलंद की। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट स्टूडेंट्स ने स्टेज प्ले, नुक्कड़ नाटक के जरिये से करप्शन, महंगाई, महिला उत्पीड़न, राजनीतिक स्वार्थ और आरक्षण के बेजा इस्तेमाल पर प्रहार किया। सुबह से शाम तक चले टफ कंपटीशन के बाद स्टेज प्ले इवेंट में छह और नुक्कड़ नाटक में 11 टीमों ने फाइनल का टिकट हासिल किया।
स्टूडेंट्स ने इन इवेंट के जरिये पब्लिक को अपनी आवाज खुद बुलंद करने का मैसेज दिया। इस एनुअल फेस्ट का मीडिया पार्टनर इस बार उत्तर भारत का प्रमुख हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ है।
विज्ञापन

अंतराग्नि के दूसरे दिन स्टेज प्ले और नुक्कड़ नाटक की धूूूम रही। ओल्ड सैक ग्राउंड पर देश के प्रतिष्ठित कॉलेजों की 23 टीमें जुटीं। इन सभी ने सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर नाटक खेला और समाज को बेहतर संदेश देने की कोशिश की। दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) की टीम ने बढ़ते महिला अपराध पर नुक्कड़ नाटक खेला। तरुण गोयल, शेखर सिंह, अर्पित मलिक, अर्पित मिश्रा, आकाश सहाय, अंकुर, राधिका, मोनिका, सुकृति, आकृति सहित 20 मेंबर्स की टीम ने मजबूत कानून की वकालत की। बताया कि हर 20 मिनट में भारत की एक बेटी रेप का शिकार होती है। इसमें 60 फीसदी मामले ऐसे होते हैं, जिसके रेपिस्ट जान-पहचान वाले या अपने होते हैं।
वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने नाटक में ‘रिजर्वेशन लीला’ दिखाई। नाटक में कहा गया कि रिजर्वेशन गरीब घरों के लोगों को ऊपर उठाने के लिए शुरू किया था, जिसका इस्तेमाल अब राजनीतिक दल वोट बैंक के रूप में कर रहे हैं। प्रभजोत, उत्कर्ष, तान्या, श्रिया, ध्रुव, रमन, हिमांशु बरार, रवींद्र सहित 18 मेंबर्स की टीम की परफारमेंस जबर्दस्त रही। लेडी इरविन कॉलज की आकृति, भाव्या, दीक्षा, ज्योति, तान्या की टीम ने 12 मिनट के नुक्कड़ नाटक के जरिये मनुष्य की सफलता, भ्रष्टाचार और पैसे की बढ़ती भूख पर करारी चोट की। हंसराज कॉलेज के निर्मल, आयुषी राठौर की टीम ने मानसिक रूप से अक्षम बच्चों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार का मुद्दा उठाया। इसी मुद्दे पर इस ग्रुप ने एक वेबसाइट बनाकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की है। रामजश कॉलेज के स्टूडेंट्स ने आम जनता की सोच-समझ का मुद्दा उठाया। सुबह से शुरू हुआ यह प्रोग्राम देरशाम तक चला। जज पैनल में शामिल संजय सुजिताभ और नंदिनी मिश्रा ने जैसे ही रिजल्ट एनाउंस किया तो फाइनल का टिकट पाने वाले स्टूडेंट्स खुशी से उछल पड़े। इस इवेंट का फाइनल 26 और 27 अक्तूबर को होगा। आईआईटी कानपुर की टीम को फाइनल का टिकट नहीं मिल सका।
विज्ञापन


ये टीमें फाइनल में पहुंची
नुक्कड़ नाटक : लेडी इरविन कॉलेज नई दिल्ली, शहीद भगत सिंह कॉलेज नई दिल्ली, एआरएसडी, कमला नेहरू, मिरांडा हाउस नई दिल्ली, गार्गी नई दिल्ली, डीएआईआईसीटी, आईआईटी जोधपुर, एससीआईटी खालसा, हंसराज कॉलेज नई दिल्ली, हिंदू कॉलेज।

स्टेज प्ले : हिंदू कॉलेज नई दिल्ली, गार्गी, सीसीईटी, एसआरसीसी, आईआईटी खड़गपुर, मिरांडा हाउस।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें