मोदी की रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ के भाषण में मौलाना हजरत मोहानी का जिक्र न होना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
इससे पूरे मुस्लिमों की उपेक्षा की गई है। अटल, नेहरू और गांधी ने कभी ऐसा नहीं किया - अबुल बरकात नजमी, कनवीनर, कौमी मुशावरत कमेटी
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शहर में आजादी की लड़ाई में गणेश शंकर विद्यार्थी जी के साथ मौलाना मोहानी ने बराबर का योगदान दिया है। इस तरह से हिंदू और मुसलमान को बांटकर भाजपा शहर की सद्भावना बिगाड़ना चाहती है। भाजपा को सिर्फ मुस्लिम मुखौटों की दरकार है। - जावेद अहमद, पीस पार्टी
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भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। भाजपा नेताओं ने अपने भाषण में किसी भी मुस्लिम का नाम नहीं लिया। हजरत मोहानी वह शख्सीयत थे जिनकी इज्जत गांधी जी भी करते थे। वह एक अच्छे सियासत दां, पत्रकार और शायर थे। अंग्रेजों से उन्होंने लड़ाई लड़ी। आज भाजपाइयों ने अंग्रेजों से लोहा लेने वाले मुसलमानों को भुला दिया। - मौलाना मतीनुल हक ओसामा, जिलाध्यक्ष जमीयत उलमा हिंद