कानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की टीमों ने शनिवार को छापा मारकर बिना रजिस्ट्रेशन और दस्तावेजों के 12 स्कूल संचालित होते पकड़े। बिना मान्यता के चल रहे इन स्कूलों में तीन फीलखाना जबकि नौ स्कूल पनकी और कल्याणपुर क्षेत्र के शामिल हैं।
सर्वशिक्षा अभियान के जिला समन्वयक आरबी वर्मा ने शनिवार को कल्याणपुर और पनकी क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण किया। आरबी वर्मा ने बताया कि नौ स्कूलों के पास न तो मान्यता पत्र थे और न ही विभाग से जुड़े कोई दस्तावेज। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा निकेतन जूनियर हाईस्कूल पनकी, दयानंद ज्ञान मंदिर एसएफ पनकी, गणेश शंकर विद्यार्थी पब्लिक स्कूल एफ ब्लाक पनकी, ब्रिटिश पब्लिक स्कूल वाई ब्लाक पनकी, ब्रिटिश पब्लिक स्कूल पनकी, निर्मल माडर्न स्कूल कल्याणपुर, सनराइज पब्लिक स्कूल, ऐश्वर्य पब्लिक स्कूल कल्याणपुर, एलके मिशन प्राइमरी स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर बारासिरोही, मां भगवती दुर्गा विद्या मंदिर पनकी रोड स्कूल शामिल हैं। उन्हाेंने बताया कि इसकी रिपोर्ट बीएसए को सौंपकर कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, मिड-डे मील समन्वयक सौरव पांडेय ने फीलखाना इलाके के तीन स्कूल निखर मांटेसरी स्कूल, एसएन पब्लिक स्कूल और टैगोर बालिका स्कूल का निरीक्षण किया। एक-दो कमरों में चल रहे इन स्कूलों के संचालक मान्यता का पत्र नहीं दिखा सके। उन्होंने बताया कि इसकी रिपोर्ट बीएसए को दी जाएगी।
जररूत होने पर लगाएं
स्कूलों के मानक
इंग्लिश मीडियम के लिए
अपना भवन हो या कम से कम 30 साल के लिए लीज पर हो
स्कूल भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के मानकों के आधार पर हो
स्कूलों में अग्निशमन यंत्र मानक के अनुसार लगाके प्रमाणित कराए जाएं
एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम से पढ़ाई हो
टॉयलेट, क्रीड़ा स्थल, पानी की व्यवस्था हो
लाइब्रेरी में कक्षा पांच के लिए कम से कम 250 और कक्षा आठ के लिए 500 किताबें हों
प्राइमरी में अगर 105 छात्र हैं तो कक्षाओं की संख्या कम से पांच हों
हिंदी मीडियम के लिए
निजी भवन हो या कम से कम 30 साल के लिए लीज पर हो
विद्यालय भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के मानकों के आधार पर हो
स्कूलों में अग्निशमन यंत्र मानक के अनुसार स्थापित कराकर सक्षम अधिकारी से प्रमाणित कराना
प्राइमरी में कम से कम पांच कमरे और हर कमरा 20×20 फीट का हो
स्कूल में एक प्रिंसिपल रूम, एक ऑफिस रूम, एक स्टोर और वैकल्पिक विषय के लिए रूम अनिवार्य है
प्रार्थना स्थल के साथ खेल मैदान हो
दस हजार रुपये की किताबें लाइब्रेरी में हों
ये हैं नियम
बंद करने के आदेश के बावजूद स्कूल का बिना मान्यता संचालन करने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का नियम है। उसके बाद भी स्कूल बंद न होने पर रोज 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।