कानपुर। ‘स्तनों में सूजन या टिश्यू का मोटा होना स्तन कैंसर की निशानी है। स्क्रीनिंग से स्तन कैंसर का पता लगाया जा सकता है।’ यह जानकारी शनिवार को आईएमए की ओर से आयोजित डॉ. आरके सेठ मेमोरियल ओरेशन में राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट नई दिल्ली, मेडिकल अंकोलॉजी विभाग के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. डीसी डोवल ने दी।
उन्होंने बताया कि शहरों में 30 से 70 साल तक की प्रत्येक 58 महिलाओं में एक महिला स्तन कैंसर से पीड़ित है। डॉ. डोवल ने बताया कि दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कलकत्ता और त्रिवेंद्रम जैसे मेट्रो सिटी में इस तरह के सर्वाधिक केस मिलते हैं। बताया कि उपचार के लिए रेडियो थेरेपी, सर्जरी, बायोलॉजिकल थेरेपी, हार्मोन थेरेपी और कीमो थेरेपी कारगर हैं। डॉ. डोवल ने बताया कि जीवन शैली में बदलाव कर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। महिलाओं को संतुलित आहार, व्यायाम और बच्चों को स्तनपान कराने पर ध्यान देना चाहिये। डॉ. डोवल ने कहा कि महिलाआें को सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन अवश्य करना चाहिए। कार्यक्रम में जेके कैंसर संस्थान की पूर्व निदेशक डॉ. कमल साहनी, डॉ. यूसी सिन्हा, डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. एसके निगम, डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, डॉ. एसी अग्रवाल, डॉ. राम सिंह वर्मा मौजूद थे।