कानपुर। सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के रेग्युलर एग्जाम 2012-13 में 103 कॉलेजों में सामूहिक नकल पकड़े जाने की उड़नदस्तों की गोपनीय रिपोर्ट लीक होने और जांच में हीलाहवाली पर परीक्षा समिति की उप समिति को भंग कर दिया गया है। शनिवार को कुलपति प्रो. अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। साथ ही सभी 103 कॉलेजों को नकल के पुख्ता प्रमाण मिलने पर उनके सेंटर बदलने की चेतावनी दी गई है। नकल साबित होने पर इन कॉलेजों के एग्जाम अनुदानित कॉलेजों में करवाएं जाएंगे।
यूनिवर्सिटी के रेग्युलर एग्जाम 2012-13 में 103 कॉलेजों में सामूहिक नकल कराने की बात सामने आई थी। यूनिवर्सिटी की ओर से नोटिस मिलने पर कॉलेजों ने अपने जवाब दिए थे, जिसका अध्ययन करने के लिए उप परीक्षा समिति बनाई गई थी। जिसके सचिव और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी डिप्टी रजिस्ट्रार राजबहादुर थे। सदस्यों में डॉ. नंदलाल, डॉ. मृदुला, डॉ. आशा रानी राय और डॉ. जितेंद्र दास शामिल थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी समिति की तरफ से कोई रिपोर्ट नहीं आई है जबकि उड़नदस्तों की रिपोर्ट सेल्फ फाइनेंस कॉलेजाें तक पहुंच गई थी। इस पर कानपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (कूटा) ने काफी हंगामा किया था और कुलपति से मिलकर रिपोर्ट लीक होने के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शनिवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह मुद्दा रखा गया, जिस पर समिति ने उप समिति को भंग कर दिया।