कानपुर। नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग (एनटीटी) के फर्जीवाड़े में नामी स्कूल, कॉलेजों की भूमिका भी जांची जाएगी। इन सभी ने एनजीओ या सोसाइटी से 15-20 हजार रुपये मासिक किराया वसूला और अपने कैंपस में फर्जी टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स चलाने की छूट दी। ‘अमर उजाला’ ने इसका खुलासा किया तो जिला प्रशासन ने इसे संज्ञान में लिया। डीएम समीर वर्मा ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर कहा है कि एनटीटी फर्जीवाड़े में शामिल स्कूल, कॉलेजों की भूमिका भी जांची जाए। एनसीटीई की मान्यता के बिना कैंपस में टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स चलाने की अनुमति कैसे दी गई। इसके लिए संबंधित क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी, यूनिवर्सिटी के कुलपति, डीआईओएस, बीएसए की अनुमति ली गई है या नहीं। यदि अनुमति नहीं ली गई तो किस तरह की कार्रवाई की जा सकती है। यह रिपोर्ट जल्द ही तलब की गई है।
नई दिल्ली और यूपी की तमाम एनजीओ, सोसाइटी एनटीटी का फर्जी सर्टिफिकेट कोर्स करा रहे हैं। इन सभी ने नामी स्कूल, कॉलेजों में अपना सेंटर खोला है, जिसकी कि मान्यता नेशनल काउंसिल फार टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) से नहीं है। इन्हीं स्कूल, कॉलेजों की आड़ में प्रशिक्षणार्थियों को फंसाया जा रहा है। फर्जीवाड़ा को पुख्ता बनाने के लिए ही कुछ एनजीओ ने खुद को सरकार से मान्यता प्राप्त बता दिया है। कुछ ने इंटरनेशनल स्टैंडर्ड, आईएसओ सर्टिफिकेट हासिल करने का दावा किया है, जिसका कि जिक्र एनसीटीई की आधिकारिक वेबसाइट पर नहीं है। मनप्रीत कौर ने बताया कि कानपुर विद्या मंदिर को मान्यता प्राप्त जानकार ही एनटीटी का फार्म लेने पहुंच गई। अब फर्जीवाड़े की जानकारी हुई है तो एडमिशन न लेने का फैसला किया है। अंशु श्रीवास्तव ने कहा कि मरियमपुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल का सेंटर जानकार एडमिशन लिया था। अब फर्जीवाड़े की शिकार हो गई हूं। आकांक्षा ने बताया कि आक वुड डे स्कूल में भी बिना मान्यता के एनटीटी की पढ़ाई कराई जा रही है। राजाराम शास्त्री शिशु मंदिर में चल रहे एनटीटी सेंटर की मान्यता एनसीटीई से नहीं है।
ये बड़े स्कूल- कॉलेज, जहां कि चल रहे सेंटर
मारवाड़ी कॉलेज, मरियमपुर पब्लिक स्कूल, गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज, खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज गोविंद नगर, हरजिंदर नगर, पूर्णादेवी, महिला महाविद्यालय, डीजी कॉलेज, कानपुर विद्या मंदिर, एसएनसेन, बृहस्पति, कुमारी उद्यान बालिका, रामदुलारी इंटर कॉलेज, सुभाष इंटर कॉलेज, आक वुड डे, रुपरानी सुखनंदन सिंह महाविद्यालय।
कोट-
एनटीटी सेंटर संचालित किए जाने को लेकर डिग्री कॉलेज संचालकों से जवाब मांगे जाएंगे। सही जवाब नहीं मिला तो संबंधित कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई के लिए कुलपति, शासन को पत्र लिखा जाएगा।
डॉ. इंदु सक्सेना, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी
स्कूल-कॉलेज में एनटीटी का फर्जी सेंटर चल रहा है, इसकी जानकारी मिल गई है। जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक का आदेश भी मिल गया है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। कैंपस में एनटीटी का फर्जी सेंटर चलाना गलत है। संबंधित स्कूल-कॉलेज के संचालकों से जवाब मांगा जा रहा है।
कोमल यादव, डीओईओएस एवं बीएसए
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