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अंखियों से गोली दागे कंप्यूटर गेम हमार

Sun, 17 Mar 2013 05:31 AM IST
Kanpur
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कानपुर। आईआईटी में चल रहे टेक्निकल फेस्ट ‘टेककृति’ के तीसरे दिन शनिवार को एक से बढ़कर एक कमाल और धमाल देखने को मिले। फेस्ट में स्टूडेंट्स ने ब्रेन मैपिंग, रोबो, लेजर लाइट से चलने वाला कंप्यूटर, पक्षियों को भगाने वाला यंत्र दिखाकर हैरत में डाल दिया।
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चार दिवसीय फेस्ट में शनिवार को सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट शशांक और दिव्य रत्न का आंखों के इशारों से चलने वाला कंप्यूटर गेम रहा। आईआईटी में ब्रेन क्लब का गठन करने वाले शशांक और दिव्य रत्न ने बताया कि अमेरिका से उन्होंने 30 हजार रुपये का एक हेड सेट (सिर पर लगाने वाला उपकरण) मंगाया है, जो ब्रेन की गतिविधियों की मैपिंग करता है। इस सेट को प्रोग्रामिंग करके कंप्यूटर गेम से जोड़ा किया गया है। उन्होंने इसे लगाकर सिर के मूवमेंट से कंप्यूटर गेम खेलकर दिखाया। सिर उचकाने पर गेम में मौजूद आब्जेक्ट ने जंप की, पलकें झपकने पर गोलियां चलीं और मुस्कुराने पर आब्जेक्ट आगे बढ़ा। शशांक ने बताया कि उनका इरादा अब तकनीक का प्रयोग करके व्हील चेयर को ऑपरेट करना है।

एकाग्रता बढ़ाएगा पजल बॉक्स
अमेरिका से आए भारतीय मूल के बिजनेस डेवलेपमेंट कंसलटेंट किरन बच ने युवाओं में एकाग्रता बढ़ाने के लिए पजल बॉक्स बनाया है। उन्होंने बताया कि इंसान का ब्रेन सिर पर सेंसर लगाकर ब्लू टूथ के माध्यम से पजल बॉक्स से जोड़ा जाता है। स्टूडेंट को बस किसी भी चीज पर ध्यान केंद्रित करना होता है। एकाग्रता बढ़ने पर मोबाइल डिवाइस में सिगनल बढ़ता जाएगा और अधिकतर स्तर पार करते ही हाथ में रखा बॉक्स हवा में तेजी से उड़ जाएगा।
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इशारे पर मूव करेगा रोबो
आईआईटी मुंबई से आए इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स कुनाल नाटे, तन्मय शिंदे, अभिषेक जैन और कपिल ऐसा रोबो पेश किया, जो इंसान के इशारे पर काम करता है। इस रोबो को युद्ध में और बम डिफ्यूज करने में इस्तेमाल किया जा सकता है। कुनाल ने बताया कि सेंसर के जरिए इस रोबो को कंट्रोल किया जाता है।
आवाज सुनकर भागेंगे पक्षी
बीकानेर पॉलिटेक्निक से आए स्टूडेंट्स ने बर्ड रिपेलिंग मशीन का डेमो दिया। स्टूडेंट्स ने बताया कि मशीन को ऑन करने पर ये तीन तरह से काम करेगी। पहले तरंगें निकलेगी फिर रोशनी और उसके बाद आवाज। यह आवाज इतनी तेज होगी कि पक्षी डरकर भाग जाएंगे। स्टूडेंट्स ने बताया कि इसका इस्तेमाल रनवे में किया जा सकता है। वहीं, जयपुर एलएनएमआईआईटी के स्टूडेंट्स ने लेजर लाइट्स से कंप्यूटर ऑपरेट करके दिखाया।
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