कानपुर। पिछले साल भर से पुलिस की कथित निगरानी में मोबाइल फोन समेत शहर में आजाद घूम रहे पाक नागरिक इदरीस आलम को आखिर गुरुवार को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इदरीस फर्जी आईडी से लिए गए सिम अपने मोबाइल फोन में इस्तेमाल कर रहा है, गुरुवार को अमर उजाला के इस रहस्योद्घाटन के पुलिस ने आनन-फानन में यह कार्रवाई की। पुलिस ने इदरीस के कब्जे से दो सिम बरामद किए हैं। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज बनाने और इस्तेमाल करने का मामला कोतवाली थाने में दर्ज किया गया है। जेल में उसे हाई सिक्योरिटी बैरिक में रखा गया है।
अमर उजाला ने 24 फरवरी को खुलासा किया था कि मकान नंबर 480 एमसी ग्रीन टाउन करांची पाकिस्तान निवासी मो. इदरीस पुलिस लाइंस में रहते हुए मोबाइल प्रयोग कर रहा है। इसके बाद लगातार कई खुलासे किए जाते रहे, बावजूुद पुलिस सोती रही। यहां तक की पुलिस या खुफिया एजेंसियों ने बुधवार तक उसका मोबाइल फोन तक जब्त नहीं किया।
पड़ताल कर गुरुवार के अंक में खुलासा किया गया कि इदरीस, उन्नाव के पते से फर्जी आईडी से जारी सिम का प्रयोग कर रहा है। इस संबंध में अमर उजाला रिपोर्टर ने बुधवार शाम पांच बजे से पौने छह बजे के दौरान संबंधित पुलिस अधिकारियों से इस बाबत सवाल किए तो पुलिस विभाग में अफरातफरी मच गई । इसके बाद बुधवार शाम करीब सवा छह बजे चौकी प्रभारी सरसैया घाट राम सिंह ने इदरीस के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट के मुताबिक इदरीस ने मोबाइल नंबर 7275394628 बबलू निवासी मकान नंबर 58 रामगंज उन्नाव और मोबाइल नंबर 8896386721 माया निवासी 699/1010 चबिरतियार निकट पीसीओ कानपुर के नाम से फर्जीवाड़ा कर सिम लिए थे। इससे वह देश और विदेश में बराबर बातें कर रहा था। इदरीस के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज को सही बताने और उसे सही दस्तावेज के रूप में प्रयोग करने की धारा 420, 467, 468 और 471 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद गुरुवार सुबह 6.30 बजे इदरीस को गिरफ्तार कर लिया गया। दोपहर को उसे एसएसपी दफ्तर लाया गया। वहां से कोतवाली प्रभारी अजय वर्मा ने इदरीस को स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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..पर नहीं गई ठसक
इदरीस को एसएसपी दफ्तर लाया गया था। एलआईयू सूत्रों से जानकारी मिलने पर रिपोर्टर वहां पहुंचा। रिपोर्टर को देखते ही इदरीस बड़बड़ाने लगा। बोला, ..तुमने ठीक नहीं किया। देख लूंगा। मेरी गलती क्या थी.. ? मेरी मदद करने के बजाय तुमने फंसा दिया..।