कानपुर। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा ने कहा है कि तिलकहाल कांग्रेस का प्रेरणा केंद्र है। 1925 में टिन शेड से शुरू हुए इस ऐतिहासिक भवन का शिलान्यास जवाहर लाल नेहरू ने किया था और उद्घाटन महात्मा गांधी ने। उन्होंने कहा जीर्णोद्धार के बाद आज भव्य तिलकहाल का लोकार्पण करते हुए मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। इस मौके पर श्री बोरा ने कांग्रेसियों से तिलकहाल की तरह पार्टी को भी मजबूत बनाने का आह्वान किया।
तिलकहाल का लोकार्पण करते हुए मोतीलाल वोरा ने कहा आजादी की लड़ाई में कानपुर और तिलकहाल का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। तिलकहाल में एक तरफ क्रांतिकारी रणनीति बनाते थे तो गांधी और उनके समर्थक आंदोलन की रूपरेखा तय करते थे। इसी तिलकहाल से बार-बार कांग्रेस को देश की सत्ता मिलती रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा कि तिलकहाल सिर्फ कांग्रेस पार्टी का कार्यालय नहीं बल्कि विरासत है। तिलकहाल की स्मृतियों और परंपराओं को कांग्रेस ने संजोकर रखा है जो खुशी की बात है। कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा पिछले चुनाव में तिलकहाल के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था जो आज पूरा हुआ। सांसद राजाराम पाल ने कहा कांग्रेस को समझना है तो सुबह से शाम तक तिलकहाल आना होगा। यहीं से कांग्रेस शुरू होती है। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश दीक्षित ने तिलकहाल के इतिहास पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष अभिनव तिवारी ने श्री वोरा और निर्मल खत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन इकबाल अहमद कर रहे थे। मोतीलाल वोरा ने तिलकहाल के एक हिस्से में बनी अशोक लाइब्रेरी में रखी क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की टोपी भी देखी। कार्यक्रम में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव अब्दुल मन्नान, पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र, नेक चंद पाण्डेय, संजीव दरियाबादी, पूर्व महापौर अनिल शर्मा, महिला अध्यक्ष गीता सिंह चौहान, कार्यवाहक अध्यक्ष शुएब खान, मो. निजामुद्दीन खान, राहुल सचान, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अंबरीश सिंह गौर, एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष मोहित मिश्रा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह मुन्ना, सियाराम पाल, राजकुमार जैन, नरेश कटियार, शरद मिश्रा, कमल शुक्ल बेबी, अशोक दीक्षित बब्बन आदि मौजूद थे।
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बड़े नेताओं के सामने दिखी गुटबाजी
तिलकहाल का लोकार्पण कार्यक्रम भी गुटबाजी से नहीं बच सका। राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के सामने शहर के कांग्रेसियों की गुटबाजी खुलकर सामने आई। असंतुष्ट केके तिवारी अपने समर्थकों के साथ शिवाला वाले गेट पर मंच सजाकर बैठ गए। उन्होंने मुख्य अतिथि मोतीलाल वोरा और निर्मल खत्री के लिए दो कुर्सियां लगाई थीं। जैसे ही मुख्य अतिथि पहुंचे, असंतुष्ट कांग्रेसियों ने उन्हें रोककर स्वागत किया। यहां स्वागत के बाद श्री वोरा ने तिलकहाल का लोकार्पण किया। उधर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामेंद्र सिंह मुन्ना ने तिलकहाल के प्रथम तल पर स्थित ग्रामीण कार्यालय का पार्टीशन कराने का विरोध करते हुए प्रदेश अध्यक्ष से शिकायत करने की बात कही है।
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वोरा से पूछा बुनकरों के लिए क्या किया
मोतीलाल वोरा ने भाषण शुरू ही किया था कि कांग्रेसी नेता अकील अंसारी ने उन्हें रोक दिया और कहा कि बुनकरों की समस्याओं को लेकर उन्हें कई ज्ञापन दिए गए लेकिन कुछ नहीं हुआ। उनके तीखे सवालों से तिलकहाल का माहौल गरमा गया। मंच पर बैठे श्रीप्रकाश और अब्दुल मन्नान ने अकील को शांत रहने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माने। श्रीप्रकाश ने उन्हें मंच पर बुलाकर बैठाया तब मामला शांत हुआ। श्री वोरा ने अंसारी की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान कई कांग्रेसी अकील के हंगामे को मंच तक पहुंचने की ट्रिक बताकर चुटकी लेते रहे।