कानपुर। नकल कराने और पर्चा आउट करने का आरोप सही पाए जाने पर ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री की 104 भर्तियों को रद कर दिया गया है। ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड कोलकाता को इन भर्तियों में धांधली से संबंधित शिकायत मिली थी। इस पर जांच कराई गई और जांच रिपोर्ट के आधार पर भर्तियां रद कर दी गईं। इन भर्तियों के लिए उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे।
14 अक्टूबर 2012 को पैराशूट फैक्ट्री में टेलर के 104 पदों के लिए लिखित परीक्षा कराई गई थी। इसके लिए कुल 3900 आवेदन आए थे, जिसमें 1500 आवेदन विभिन्न कारणों से रिजेक्ट कर दिए गए थे। बाद में 2200 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में बैठने का मौका दिया गया था। लिखित परीक्षा के बाद 328 अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल के लिए बुलाया गया था। मगर इससे पहले ही किसी ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड कोलकाता को गुमनाम पत्र भेजकर फैक्ट्रीकर्मियों के बच्चों को पेपर आउट करने और नकल कराने की शिकायत कर दी। शिकायत के साथ कुछ साक्ष्य भी दिए गए। इस पर बोर्ड ने जोनल विजिलेंस अफसर को इसकी जांच सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक जांच में आरोपों की पुष्टि हुई। पाया गया कि कुछ अभ्यर्थियों को रोल नंबर अल्फाबेटिकली नहीं दिए गए। वहीं लिखित परीक्षा में कुछ कक्षों से उम्मीद से ज्यादा संख्या में अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा पास कर ली। ट्रेड अप्रेंटिस के आवेदनों में भी अनियमितताएं बरतने की बात जांच में पुख्ता हुई है। इसकी पूरी रिपोर्ट बोर्ड को भेजी गई। इस पर निर्णय लेते हुए बोर्ड ने बुधवार को फैक्ट्री के गेट पर एक नोटिस (सीएफ 716/नोटिस/एलवी/दिनांक 10-2-2013) चस्पा किया है। इसमें बोर्ड के निर्देश पर टेलर पदों की परीक्षा रद करने की बात कही गई है।
रिक्रूटमेंट बोर्ड कर सकता है भर्तियां
कानपुर। भर्तियों में विवाद को देखते हुए ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड ने रिक्रूटमेंट बोर्ड की स्थापना नागपुर के अंबाझारी में की है। रिक्रूटमेंट बोर्ड के प्रभावी होने के बाद भविष्य में सभी ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों की भर्तियां इसी के जरिए होंगी। पैराशूट फैक्ट्री की भर्तियां भी अब बोर्ड के जरिए ही होने की संभावना है।
टेलर पदों की 104 भर्तियां रद हो गई हैं। आगे भर्तियों के संबंध में बोर्ड के निर्देशों के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
आरडी चंद्रहास, एडमिन ऑफिसर, ऑर्डनेंस पैराशूट फैक्ट्री
पैराशूट फैक्ट्री का प्रबंधन भर्ती प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराने में लगातार नाकाम साबित हो रहा है। यह प्रबंधन की कार्यकुशलता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
साधू सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री (भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ)