कानपुर। बीएड काउंसिलिंग में अराजकता से स्टूडेंट्स में आक्रोश है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय के कर्मचारी तानाशाही और मनमानी कर रहे हैं। कर्मचारी सिर्फ दो यूनिवर्सिटी लॉक करने दे रहे हैं। उधर सर्वर की दिक्कत के चलते शाम तक कुछ घंटे ही काउंसिलिंग हो सकी। बीएड काउंसिलिंग कोआर्डिनेटर डॉ.संदीप पांडे के अनुसार सारे आरोप गलत हैं। बीएसएनएल नेटवर्क गड़बड़ होने से काउंसिलिंग में बाधा आईं। उन्होंने सोमवार सुबह तीन-चार बजे तक काउंसिलिंग चलने की संभावना जताई।
बीएसएनएल नेटवर्क खराब होने के चलते दोपहर 2:30 बजे तक काउंसिलिंग शुरू ही नहीं हो सकी। ढाई-तीन घंटे काउंसिलिंग हुई उसके बाद नेटवर्क फिर चरमरा गया। इलाहाबाद से आए राय साहब सरोज ने कहा ऐसा लग रहा है कि काउंसिलिंग में नहीं काले पानी की सजा काटने आए हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। उर्मला, सनेहलात, दिनेश कुमार भी व्यवस्था और अनियमितताओं पर जमकर झुंझलाए। कहा, काहे की काउंसिलिंग यूनिवर्सिटी कर्मियों की तानाशाही और मनमानी है। च्वाइस तक मन की नहीं भर सकते। मनचाहे कॉलेज नहीं सिर्फ दो यूनिवर्सिटी लॉक करने की छूट दे रहे हैं कर्मचारी। देर रात तक दूर से आई लड़कियां यूनिवर्सिटी में अकेली रहती हैं। सोने के लिए युवाओं को स्टेशन, बस स्टैंड जाना पड़ता है। उधर कोआर्डिनेटर ने बताया कि रविवार देर रात तक विश्वविद्यालय में 120 और एसएसए कॉलेज नारामऊ में 100 युवाओं की काउंसिलिंग हुई।