कानपुर देहात। गर्मी के चलते अधिकांश तालाब सूख गए हैं। इससे पशु-पक्षियों को पीने के पानी का संकट बना है। गर्मी में तालाब पानी से लबालब रहें इसके लिए नहर से तालाब को नाली बनाकर जोड़ने का काम शुरू हो गया है। 972 तालाबों को नहर तक नाली से जोड़़ा जाएगा।
तालाब में पानी मुहैया हो इसके लिए राजकीय नलकूप या फिर कई बार निजी ट्यूबबेल से तालाबों में पानी भरा जाता है। अब व्यवस्था अधिक खर्चीली है। वहीं भूजल निकाल कर तालाबों में पानी भरना कतई समझदारी नहीं है। इसको लेकर सीडीओ की पहल पर गर्मी में तालाबों में पानी बनाए रखने के लिए उन्हें नहरों से जोड़ने का काम शुरू हुआ है। तालाबों तक नाली बनाने के लिए 318 जगह काम हो रहा है। अन्य 654 तालाब न सूखें इसके लिए नहर से नालियां बनाई जाएंगी।
जानकारों का कहना है कि गर्मी के चलते ट्यूबेल या पंपिंग सेट से जिले के करीब 205 तालाबों में पानी भरा गया है। जबकि पूर्व से 654 तालाबों में नहर से पानी भरा जाता रहा है। वर्तमान वर्ष में 318 तालाबों को नाली बनाकर नहरों से जोड़ने का काम कराया गया है। इस वर्ष कुल 972 तालाब नहरों के पानी से भरवाने का लक्ष्य है। डीसी मनरेगा गजेंद्र तिवारी ने बताया कि 318 नालियों का निर्माण/सफाई कार्य कराया जा चुका है। सीडीओ लक्ष्मी एन ने बताया कि भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए नहरों से तालाबों को जोड़ने का काम हो रहा है। एक्सईएन सिंचाई व डीसी मनरेगा से कार्य प्रगति का अपडेट लिया जा रहा है।