कानपुर देहात। बिल्हौर थाना क्षेत्र के अरौल गांव में पांच वर्ष पूर्व विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मामले में मृतका की मां ने उसके पति, सास व ससुर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को अदालत ने तीनों को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है।
अरौल गांव निवासी रवि सक्सेना की पत्नी सोनम की 6 जुलाई 2014 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मामले में आयना औरैया की रहने वाली मृतका की मां विमलेश देवी ने रवि सक्सेना उसकी मां शकुंतला व पिता रामप्रकाश पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि बाइक की मांग को लेकर उसकी बेटी को प्रताड़ित किया जाता रहा। मांग पूरी न होने पर हत्या कर दी गई। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश विजेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद बुधवार को रवि व उसके माता पिता को दोषी मानते हुए सात-सात वर्ष का कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता विशंभर सिंह ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर तीनों अभियुक्तों को एक-एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।