बिल्हौर(कानपुर)। कोतवाली क्षेत्र के सैबसू गांव में बीती 10 दिसंबर को दुर्गेश मिश्रा उर्फ नन्हें (50) का गांव के पास तालाब के किनारे झाड़ियों में खून से लथपथ शव मिला था। मृतक के भाई अवधेश ने गांव के तीन युवकों विकास तिवारी, गोरेलाल और नन्हउ पर के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से पुलिस लगातार उक्त हत्यारोपियों की तलाश में जुटी थी।
इंसपेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि पुलिस ने बीती 10 दिसंबर के बाद दबिश देकर विकास तिवारी और गोरेलाल को हिरासत में लिया था जबकि मुख्य हत्यारोपी नन्हउ मौके से भागने में सफल रहा था। पुलिस की दो टीमें लगातार नन्हउ की तलाश में जुटी थीं। लेकिन नन्हउ ने बड़े शातिर ढंग से कानपुर देहात न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों के निर्देशन में हिरासत में लिए गए विकास और गोरे लाल को विभिन्न धाराओं में जेल भेजा गया है। कोर्ट से रिमांड मिलने पर नन्हउ से घटना की तहकीकात की जाएगी। मृतक के भाई अवधेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस की लापरवाही से मुख्य हत्यारोपी की धरपकड़ नहीं हो सकी। अवधेश ने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।