अमर उजाला ब्यूरो
अतर्रा। एक पैर से निशक्त लघु सीमांत किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। तीन बीघा जमीन का काश्तकार था और बंटाई पर खेती कर रहा था। उस पर 40 हजार रुपये बैंक का कर्ज बताया गया है। साहूकारों का कर्ज अदा करने में उसने पूर्व में अपनी पांच बीघा जमीन बेेच दी थी। एसडीएम प्रह्लाद सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद नियमानुसार सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
अतर्रा थाना क्षेत्र के बल्लान गांव में धीरज सिंह (46) पुत्र गणेश सिंह ने गुरुवार को सुबह कमरे में छत पर अंगोछा बांधकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद घर के लोगों ने शव लटकता देखा। सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी प्रह्लाद सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलदीप कुमार गुप्ता, इंसपेक्टर शशि कुमार पांडेय भी मौके पर पहुंचे। चाचा शिवकरण सिंह ने बताया कि धीरज अविवाहित और तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। बंटवारे में उसे 8 बीघे जमीन मिली थी।
फसलें न होने से उसकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। इस साल उर्द व मूंग की फसल बोई थी। पानी न होने से वह खराब हो गई। खेती का खर्च भी वापस नहीं निकला। उधर, उसे कोई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिला। ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इलाहाबाद बैंक शाखा बल्लान में उस पर 40 हजार का कर्ज था। शाखा प्रबंधक ने बताया कि पासबुक देखने पर भी बताया जा सकता है कि किसान पर कर्ज कबका है।
-कर्ज में बेच दी थी पांच बीघा जमीन
-तीन बीघा में बोई फसल बिन पानी हो गई बर्बाद
-बैंक का 40 हजार रुपये का कर्ज भी था