उन्नाव। माखी थानाक्षेत्र के भदेसा गांव में दंपति पर हमले की घटना में विवाद गहरा गया है। बुधवार को पीड़ित की पत्नी और मां ने ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। सदर विधायक के लोगों पर पति को बंधक बना कर रखने का आरोप लगाया है। एएसपी को ज्ञापन देने के बाद भीड़ कलक्ट्रेट पहुंची।
डीएम के न मिलने पर ग्रामीण डीएम आवास पहुंच गए और जबरन भीतर जाने का प्रयास करने लगे। कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है।
भदेसा गांव निवासी रामलखन ने आठ दिन पहले गांव के पूर्व प्रधान दिनेश सिंह समेत पांच लोगों पर उसे व पत्नी गुड्डी पर जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरे दिन एसपी से थाने में तैनात एक दरोगा पर मनमुताबिक तहरीर लिखवाने की शिकायत की।
दंपति ने पूर्व प्रधान व अन्य लोगों पर भी घटना में शामिल न होने की बात कही थी। अगले ही दिन दंपति ने हलफनामा पर जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप लगा पूर्व प्रधान को ही घटना में आरोपी ठहराया था। बुधवार को रामलखन की पत्नी गुड्डी और मां ग्रामीणों के साथ एएसपी एपी सिंह को प्रार्थनपत्र दिया।
गुड्डी ने आरोप लगाया कि विधायक के शह पर उनके गुर्गों ने पति को बंधक बना रखा है और राजनीतिक बदला लेने के लिए फर्जी मुकदमे में फंसा रहे हैं। एएसपी एसपी ने सीओ सफीपुर से जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण डीएम आवास पहुंची और भीतर जाने का प्रयास करने लगी।
सुरक्षा कर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो कुछ लोग उनसे भी उलझ गए। सीओ सिटी डा. ह्रदेश कठेरिया, कोतवाली प्रभारी ने भीड़ को खदेड़ा। पुलिस ने भदेसा गांव निवासी रमेश तिवारी, विपिन प्रभाकर, मुनेश्वर, जितेंद्र और माखी गांव निवासी छेद्दू का शांतिभंग में चालान कर दिया। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि मुकदमे की विवेचना विशेष जांच प्रकोष्ठ प्रभारी को दी गई है।
क्या बोले विधायक: सदर विधायक पंकज गुप्ता ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विरोधी झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के पति को किसी ने बंधक नहीं बनाया है। साफ कहा कि इस प्रकरण से कोई लेनादेना नहीं है। बेवजह खींचा जा रहा है।
-ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय में किया प्रदर्शन, युवक को बंधक बनाने का आरोप
-डीएम आवास में घुसने के प्रयास में पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा, पांच पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो