कानपुर देहात। सरवनखेड़ा ब्लाक के बिलसरायां गांव में बन रहे गोवंश आश्रय स्थल को मॉडल आश्रय स्थल के रुप में बनाने की तैयारी है। 24 बीघे जमीन में बन रहे इस आश्रय स्थल में एक हजार से भी अधिक मवेशी रह सकते हैं। इसके अंदर मवेशियों को पानी पीने के लिए तालाब बनाया गया।
छुट्टा जानवरों से निजात दिलाने के लिए जिले में 21 गोवंश आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं, जिसमें सरवनखेड़ा ब्लाक के बिलसरायां गांव में 24 बीघे जमीन में आश्रय स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। यहां पर चारो ओर खाई खुदाई का काम पूरा कर लिया गया है। मवेशियों को चारा खिलाने के लिए दो सौ से अधिक चरही बनाई जा रही हैं। वहीं, अंदर समुचित पेयजल व्यवस्था के लिए 30 मीटर लंबा व 30 मीटर चौड़ा तालाब खुदवाया गया है। उसमें नलकूप से पानी भरवा दिया गया है। गुरुवार को वहां निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम अकबरपुर आनंद कुमार सिंह ने बीडीओ बब्बन राय को निर्देश दिए कि इस आश्रय स्थल को मॉडल आश्रय स्थल के रूप में बनाया जाए। यहां के आश्रय स्थल में एक हजार मवेशी रखे जाने की व्यवस्था होगी। इनकी निगरानी के लिए आवश्यकता अनुसार कर्मचारी रखे जाएंगे। ग्राम पंचायत स्तर की टीम इनकी बराबर निगरानी करेगी। आश्रय स्थल में मवेशियों के छाया के लिए बल्ली लगाकर तिरपाल डालने काम शुरू है, जिससे रात में ठंड से बचाव के लिए मवेशी आराम से वहां बैठ सकेंगे। एसडीएम ने बताया कि तीन दिन के अंदर यह आश्रय स्थल तैयार हो जाएगा।