चकलवंशी (उन्नाव)। आसीवन थानाक्षेत्र के मियागंज स्वास्थ्य केंद्र के सामने वाहन का इंतजार कर रही स्वास्थ्य विभाग में महिला बीसीपीएम (ब्लाक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर) को गैस टैंकर ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद भागने के प्रयास में टैंकर ने उसे कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
आसपास के दुकानदारों ने पुलिस और सीएचसी प्रभारी सूचना दी। इसके बाद भाग रहे टैंकर को आसीवन थाने के सामने चालक सहित पकड़ लिया गया। पुलिस ने सड़क पर पड़े शव को हटाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए और जाम लगा दिया। स्वास्थ्य कर्मी के परिजनों के न आने तक शव न उठने देने की जिद पर अड़ गए। सूचना पर सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर और हसनगंज एसडीएम मनीष बंसल मौके पर पहुंचे।
स्वास्थ्य कर्मियों ने विधायक से पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी व पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने की मांग की। विधायक ने सीएम को मामले से अवगत करा हर संभव मदद का आश्वासन दिया। तब जाम खुला।
लखनऊ के उदयगंज पुराना बरफखाना निवासी ओर्णिमा चंद्रा (28) पुत्री सतीश चंद्रा मियागंज स्वास्थ्य केंद्र में वर्ष 2015 से बीसीपीएम (ब्लाक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर) पद पर संविदा कर्मी थीं। शनिवार को वह टीकाकरण जागरूकता अभियान के मियागंज ब्लॉक के गांव ताजपुर जा रही थी। सीएचसी से कुछ दूरी पर वह सड़क किनारे खड़े होकर वाहन का इंतजार कर रहीं थीं। दोपहर लगभग 12:30 बजे ओर्णिमा के मोबाइल पर किसी का फोन आया।
फोन पर बात करते हुए वह सीएचसी की ओर मुड़ी तभी लखनऊ से बांगरमऊ की ओर जा रहे गैस टैंकर ने उन्हें टक्कर मार दी। भागने के प्रयास में चालक ने ओर्णिमा को रौंद दिया। ट्रक में फंसी ओर्णिमा काफी दूर तक घिसटती गई और मौके पर ही मौत हो गई। दुकानदारों ने सीएचसी प्रभारी डा. पंकज कुमार और आसीवन एसओ डीपी शुक्ला को सूचना दी। लोगों ने बाइक से टैंकर का पीछा किया और आसीवन थाने के सामने पुलिस ने लोगों की मदद से टैंकर को रोक लिया।
पुलिस ने टैंकर चालक हाथरस जिले के नगला कोरिया निवासी राजेश को गिरफ्तार कर लिया है। उधर विभाग के कर्मी मृतका के परिजनों के घटनास्थल न पहुंचने तक शव न उठने देने की जिद पर अड़ गए। पुलिस ने काफी प्रयास किया लेकिन आक्रोशित लोगों ने किसी की एक नहीं सुनी।
जानकारी होने पर सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर, बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह, हसनगंज एसडीएम मनीष बंसल, सीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह और सफीपुर कोतवाल संजय पांडेय के अलावा कई थानों की फोर्स पहुंचा। मृतका के परिवार में के एक सदस्य को नौकरी और पांच लाख रुपये अर्थिक मदद की मांग पर विधायकों और एसडीएम ने कहा शासन को रिपोर्ट भेजकर हर संभव मदद की जाएगी। इसके बाद लोग शांत हुए।
अप्रैल से नहीं मिला था मानदेय
बीसीपीएम के पद पर तैनात कर्मचारियों को चार महीने से मानदेय नहीं मिला। मानदेय न मिलने से भी वह परेशान रहती थीं। मानदेय न मिलने का कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही रही। बजट होने के बाद भी दो सीएमओ के चक्कर में कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया। सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कुछ कारणों से मानदेय की फाइल पर हस्ताक्षर नहीं हो सके थे। फाइल तैयार है। जल्द ही मानदेय भी दे दिया जाएगा।
परिवार का सहारा थी ओर्णिमा
ओर्णिमा चंद्रा ही घर का सहारा थी। तीन साल पहले ओर्णिमा को संविदा पर नौकरी मिली थी। परिवार की आर्थिक स्थित ठीक न होने से ओर्णिमा को नौकरी मिलने के बाद परिवार का पालन पोषण सही से चलने लगा था। ओर्णिमा की मौत से मां व भाई-बहन रो-रोकर बेहाल थे।
जाम से बेहाल हुए लोग
ओर्णिमा चंद्रा की मौत की सूचना के बाद सफीपुर, हसनगंज व मियागंज के स्वास्थ्य कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और गुस्साए साथियों ने सड़क जाम कर दिया था। मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग पर अड़े कर्मचारियों ने चार घंटे तक जाम लगाया। इससे जाम में फंसे लोग बेहाल रहे।
-आक्रोशित स्वास्थ्य कर्मियों ने लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर लगाया चार घंटे जाम
-मियागंज स्वास्थ्य केंद्र में ब्लाक कम्युनिटी प्रोग्राम मैनेजर के पद पर तैनात थी महिला
-टीकाकरण जागरूकता कार्यक्रम के लिए जा रही थी मियागंज के ताजपुर गांव
-कई थानों की फोर्स और एसडीएम घटनास्थल पर पहुंचे, जाम खुलवाया
अमर उजाला ब्यूरो