फतेहपुर। कहर बरपा रही गर्मी में जलापूर्ति संकट से और हाहाकार मची है। जलापूर्ति के लिए लगा लाला बाजार में नलकूप बंद हो गया है। अन्य दस नलकूपों में मानक से 40 फीट अधिक पाइप जोड़कर जलापूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही नलकूपों की पानी देने की क्षमता घटकर 50 फीसदी रह गई है।
शहर में जलापूर्ति के लिए 49 नलकूप लगे हैं। इन्हीं से दो लाख की शहरी आबादी को जलापूर्ति की जाती है। किसी भी नलकूप की बोरिंग में 100 फीट पाइप जोड़ने कर जलापूर्ति करने का मानक है।
लाला बाजार नलकूप में जलकल विभाग ने 180 फीट पाइप जोड़ा, इसके बाद भी जलापूर्ति नहीं चालू हो पाई। ऐसे में जलकल विभाग ने इस नलकूप को बंद कर दिया है। इसके अलावा दिन प्रतिदिन घट रहे जलस्तर से जलकल विभाग की परेशानियां बढ़ रही हैं।
अब तक तुराबअली के पुरवा के दो नलकूप, शांतिनगर में एक, लोधीगंज में एक, महर्षि विद्यालय मंदिर में एक, मुराइनटोला में दो, आरकेपुरम में एक, जोनिहां चौराहा में एक, देवीगंज चर्च परिसर में एक नलकूप में अब तक जलकल विभाग 40-40 फीट अतिरिक्त पाइप जोड़ चुका है।
इस तरह से इन दस नलकूपों में अब तक 140 फीट पाइप जोड़े जा चुके हैं। अतिरिक्त पाइप जोड़ने के नलकूप पानी तो दे रहे हैं, लेकिन इनकी जलापूर्ति की क्षमता घटकर 50 प्रतिशत रह गई है। विभाग के अवर अभियंता गौरीशंकर पटेल ने बताया नलकूपों का जलस्तर तेजी के साथ घट रहा है।
प्रतिदिन एक न एक नलकूप में अतिरिक्त पाइप जोड़ना पड़ रहा है। बोरिंग के अंदर पाइपों का लोड बढ़ने के मोटर पंप टूटकर बोरिंग में जाने का खतरा पैदा हो गया है। अगर जल्द बरसात नहीं होती है, तो शहर में पीने के पानी की समस्या पैदा हो सकती है।
पेयजल बर्बादी पर होगी रिपोर्ट: फतेहपुर। नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी रश्मि भारती का कहना है कि जलस्तर तेजी से घट रहा है, लेकिन फिलहाल शहर में पीने के पानी की कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने पेयजल बर्बादी पर चिंता जताते हुए बताया प्राय: देखा जा रहा है लोग सुबह शाम अपने दरवाजे पर सड़कों की सिंचाई कर पेयजल बर्बाद करते हैं। अब अगर पानी बर्बाद करते पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
-दस नलकूपों में जोडे़ गए 40 फीट अतिरिक्त पाइप