शनिवार से टीम बनाकर परिवार के लोगों की जांच की जाएगी। जो भी संदिग्ध लगेंगे उनके सैंपल लिए जाएंगे।
-डॉ. आलोक रंजन, सीएमओ
संक्रामक रोग अस्पताल में स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए व्यवस्था कर दी गई है। इसके अलावा कॉलेज के बजट से स्वाइन फ्लू की दवा भी आ गई है। जल्द ही जांचें भी होना शुरू हो जाएंगी। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य
संक्रामक रोग अस्पताल में 12 बेड आरक्षित
वहीं, गोल चौराहा स्थित संक्रामक रोग अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों को देखते हुए 12 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। सीएमएस डॉ. आरएस सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की टीम हैलट मेडिसिन विभाग से ही रहेगी। इसके साथ ही 12 बेड का वॉर्ड आरक्षित किया गया है, जिसमें छह बड़े सिलिंडर का मैनीफोल्ड लगा हुआ है, जिससे पाइप के माध्यम से हर बेड तक ऑक्सीजन पहुंचेंगी।
आईडीएच में भी तैयारी कर ली गई है
इसके अलावा शनिवार को दो वेंटिलेटर भी हैलट से लाकर लगाए जाएंगे। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग नोडल अधिकारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि अभी मैटरनिटी विंग में स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए व्यवस्था की गई है। साथ ही आईडीएच में भी तैयारी कर ली गई है। अगर संख्या बढ़ती है, तो बेड और बढ़ाए जाएंगे।
उर्सला अस्पताल में भी आरक्षित बेड
स्वाइन फ्लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद सभी अस्पताल सतर्क हैं। उर्सला अस्पताल में भी बेड आरक्षित किए गए हैं। निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने बताया कि आइसोलेशन वॉर्ड में 8 बेड आरक्षित किए गए हैं।
बारिश में बढ़ गए डिप्थीरिया रोगी
बारिश में डिप्थीरिया के रोगी बढ़ गए हैं। संक्रामक रोग अस्पताल में अब तक 31 डिप्थीरिया रोगी भर्ती किए जा चुके हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा रोगी बिल्हौर और शिवराजपुर के पाए गए हैं। सभी मरीजों को हैलट में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें आईडीएच रेफर किया गया है।
सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे
आईडीएच में भर्ती रोगी शहर के अलावा उन्नाव, जालौन और बांदा के भी हैं। डिप्थीरिया में नाक और गले में संक्रमण हो जाता है, गले में सूजन होने के साथ ही गले में खराश, सूजन, ठंड लगना, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण नजर आते हैं। रोगियों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेज दिए गए हैं।