इटावा। सफारी पार्क के पास पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से बनवाया जा रहा केदारेश्वर मंदिर इन दिनों चर्चा में है। जहां एक ओर सावन में इस मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं उत्तराखंड में बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से मंदिर निर्माण का विरोध किया जा रहा है। इधर, मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। परिसर में फर्श पक्का कराने और फिनीशिंग का काम शेष है। इस साल के अंत तक मंदिर का निर्माण पूरा होने का दावा किया गया है।
केदारनाथ की तर्ज पर बन रहे इस मंदिर का निर्माण कार्य 2021 में शुरू हुआ था। 2024 में इस मंदिर के बारे में खुद अखिलेश यादव ने जानकारी दी थी। फरवरी 2024 में मंदिर में नेपाल से लाई गई शिला विधि-विधान से स्थापित की गई थी। इसके बाद से ही मंदिर में पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी।
सावन के पहले सोमवार पर भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने पहुंचकर जलाभिषेक किया था। दूसरी ओर, इस मंदिर को लेकर अब उत्तराखंड में विरोध शुरू हो गया है। वहां के बदरीनाथ केदारनाथ समिति की ओर से केदारनाथ की तर्ज पर मंदिर बनाना गलत बताया है। इधर, एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव के अकाउंट से मंदिर की भव्य फोटो और वीडियो पोस्ट की जा रही है। हालांकि इस संबंध में उनका कोई अभी बयान नहीं आया है।