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8 महीने और 54 मर्डर, जानें-कैसे ये जिला बन गया 'डेथ जोन'

Sun, 10 Sep 2017 11:19 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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शासन और प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद अपराध पर कोई अंकुश लगता नहीं दिख रहा है। यूपी के छोटे-बड़े सभी जिलों में अपराध का ग्राफ घटने का नाम ही नहीं ले रहा है। कानपुर शहर से सटे उन्नाव जिले में तीन दिन में एक महिला समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें से एक की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
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उन्नाव जिले अपराध का बढ़ता ग्राफ प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। जिले में पिछले  आठ महीनों में 54 हत्याएं हुई हैं। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। पुलिस आधे से ज्यादा वारदातों का खुलासा नहीं कर पाई है।

हत्या: 1
5 सितंबर को हसनगंज कोतवाली के नेवलगंज गांव में लवकुश रावत उर्फ गुड्डू ने पिता अशर्फी लाल रावत (65) की गला दबाकर हत्या कर दी। गुड्डू ने पुलिस के पास पहुंचकर जुर्म कबूल कर लिया था।
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हत्या: 2
4 सितंबर को शहर के दहीचौकी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एओवी स्लाटर हाउस की निर्माणाधीन यूनिट में भीड़ ने घुसने का प्रयास किया। सिक्योरिटी गार्ड हरनाम यादव ने रोका तो गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की। खुलासा नहीं हो पाया।
हत्या:3
3 सिंतबर को सफीपुर कोतवाली में बीबीखेड़ा गांव के पास युवक की हत्या कर शव फेंक दिया गया। हत्यारों ने मृतक की पहचान मिटाने का भी प्रयास किया। पुलिस को शक है कि युवक को कानपुर की ओर से लाकर हत्या की गई है।
हत्या: 4
2 सितंबर को बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के शादीपुर गांव के मजरे वैरी में शीतला प्रसाद रैदास (45) की छोटे भाई इंदल प्रसाद ने पत्नी के साथ मिलकर पीटकर हत्या कर दी। इस घटना में पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। कुछ घटनाओं में क्लू मिले हैैं उन पर टीमें काम कर रही हैं।


 
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