हड़ताल पर रहे ग्रामीण बैंक कर्मी, भटके ग्राहक
कन्नौज। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पदोन्नति समेत अन्य बैंकिंग सुविधाओं की मांग को लेकर एक दिवसीय हड़ताल रखी। इस दौरान ग्रामीण बैंकों की 44 शाखाओं में लेनदेन ठप रहा। बैंक कर्मचारियों ने वित्तमंत्री को संबोधित मांग पत्र क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपा है। हड़ताल के कारण ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हुई। खरीफ सीजन में खाद व बीज की खरीद के लिए रुपये निकालने बैंक पहुंचे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
शुक्रवार की सुबह से तिर्वा रोड स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के अधिकारी संघ ने सात सूत्री मांगों को लेकर कामकाज ठप रखा। कर्मचारी यूनियन एकता जिंदाबाद के नारे लगाते रहें। यूनियन के पदाधिकारी अवधेश सक्सेना ने बताया कि नई भर्ती व पदोन्नति प्रवर्तक बैंक के समान लागू की जाए। ग्रामीण बैंकों क ो निजीकरण करने के प्रयास बंद हो, प्रत्येक स्तर पर एक रीजनल रूरल बैंक की स्थापना हो।
बैंक सेवा में आ चुके सभी कर्मचारियों को अन्य बैंकों की भांति ही सुविधाएं मिलें। बैंक कर्मी अंकित तिवारी ने कहा कि बैंक निदेशक मंडल में कर्मचारियों एवं अधिकारियों को भी प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए। नोटबंदी के दौरान प्रवर्तक बैंकों में दिए गए नुकसान भरपाई राशि को समान रूप से ग्रामीण बैंकों को प्रदान की जाए। बैंक कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं का ज्ञापन क्षेत्रीय प्रबंधक के माध्यम से वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अवधेश सक्सेना, सुरेश राठौर, अंशुल दीक्षित, अंशु दुबे, आशीष कुमार, एम सी पाल, अनिल पाठक, एस के टंडन, अनूप, संदीप कुमार, पीके शर्मा, स्वदेश कुमारी, सुषमा गुप्ता, अभिवन दीक्षित, राजा तुषार, अंकित तिवारी, अंकित बाजपेयी, आशीष गौतम, अरविंद यादव, जेपी टामटा, महेंद्र सक्सेना, अभिषेक सक्सेना, अवधेश सिंह, अभिषेक प्रताप सिंह, शुभम शुक्ला, शिव अवतार मिश्रा, रामपाल, अंकित सिंह तोरम, शशि आदि मौजूद रहे।
- पदोन्नति समेत सात मांगों को को लेकर वित्तमंत्री को भेजा ज्ञापन
- किसानों को हुई सबसे ज्यादा समस्या