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Kanpur News: 714 बीसी सखी घर तक पहुंचा रहीं बैकिंग सुविधा, बन रहीं आत्मनिर्भर

Sun, 02 Nov 2025 01:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जनपद के 618 ग्राम पंचायतों में अब बीसी सखी घर-घर पहुंच कर बैकिंग सुविधा मुहैया कराएंगी। अब तक 714 महिलाओं ने प्रशिक्षण लेकर काम की शुरुआत की और आत्मनिर्भर बन रही हैं। शासन स्तर से इन्हें 75 हजार रुपये ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे यह काम की शुरुआत कर सकें।
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गांवों में बैंक के बाहर लंबी-लंबी लाइन लगना आम बात है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। महत्वाकांक्षी योजना वन जीपी वन बीसी से गांवों में घर-घर बैंक पहुंच रहा है। बीसी सखियों ने बैकिंग की जटिलताओं को दूर करते हुए परिभाषा ही बदल दी है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन से संचालित स्वयं सहायता समूह की 714 बीसी सखियों का चयन कर प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षक अखिल मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक गांव में एक बीसी सखी को तैनात किया जाना है।
शासन से इन्हें दिए गए ब्याज मुक्त ऋण में 35 हजार रुपये बैंक में जमा रहेंगे। जबकि 40 हजार रुपये से काम की शुरुआत करेंगी। इन्हें छह महीने तक प्रतिमाह 4000 रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। इसके बाद इनके द्वारा की जाने वाली जमा निकासी का 0.4 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। इसके अलावा बैंकिंग डिवाइस खरीदने के लिए अलग से पैसे दिए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैकिंग सेवाएं पहुंचाने की हैं। जिससे लोगों को घर बैठे बैकिंग सुविधा प्राप्त हो सके। साथ ही महिलाओं को रोजगार का अवसर मिल सके।
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ग्राम पंचायत सचिवालय में होगा कार्यालय
बीसी सखी गांवों में घर-घर पहुंच ग्रामीणों को बैकिंग सुविधा मुहैया करा रही हैं। इसके अलावा 618 ग्राम पंचायतों में बने ग्राम पंचायत सचिवालय के पंचायत घर में इनका कार्यालय होगा। गांव में सुविधा लेने के साथ ग्रामीण यहां इनसे संपर्क कर बैकिंग सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
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वर्जन............
200 से अधिक पद हैं रिक्त
अभी तक 714 महिलाओं ने बीसी सखी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा 200 से अधिक ग्राम पंचायतों के लिए पद रिक्त हैं। शासन की योजना का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं को मिल सके, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। बीसी सखी के लिए महिलाओं का इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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- गंगाराम, उपायुक्त, एनआरएलएम
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