कानपुर। राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी गंभीर समस्या बनी हुई है। बीते डेढ़ दशक से 70 रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति न होने के कारण छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। कई स्कूलों में पांच से छह शिक्षकों पर नौ से 10 विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी है, जबकि सितंबर में परीक्षाएं होनी हैं।
वर्तमान में जिले में 13 राजकीय स्कूल और आठ राजकीय इंटर कॉलेज हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों की तैनाती के लिए निर्देश जारी किए गए थे। इसके अनुसार प्रत्येक स्कूल में प्रधानाध्यापक सहित आठ शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी थी, लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। वर्तमान में कई स्कूल पांच या छह शिक्षकों के भरोसे संचालित हैं। इसे लेकर विशेष रूप से गणित वर्ग के छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि पूर्व की अपेक्षा सहायक अध्यापकों की संख्या बढ़ी है। शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए निदेशालय को लिखकर भेजा गया है।
स्कूल और शिक्षकों की स्थिति
राजकीय इंटर कॉलेज - 08
राजकीय हाई स्कूल - 13
प्रवक्ता के कुल स्वीकृत पद - 86 - कार्यरत 61 - रिक्त 25
सहायक अध्यापक स्वीकृत - 158 - कार्यरत 113 - रिक्त 45