भाजपा विधायक पर किशोरी से दुष्कर्म के आरोप और किशोरी के पिता की हत्या के मामले की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार को अपनी जांच किशोरी के पिता की हत्या के बिंदु पर केंद्रित रखी। उन्नाव कांड में रेप पीड़िता के पिता की हत्या से लेकर विधायक की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट।
3 अप्रैल को किशोरी का पिता दिल्ली से अपने एक साथी के साथ उन्नाव पहुंचा और कोर्ट में पेशी की।
3 अप्रैल को देर शाम घर पहुंचा जहां विधायक के भाई अतुल सिंह ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर उसे खूब पीटा।
3 अप्रैल को मारपीट करने के बाद विधायक के भाई के इशारे पर पुलिस ने पीड़ित पर ही मारपीट और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर दिया। पीड़ित की पत्नी पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाए, सुनवाई नहीं हुई।
4 अप्रैल को सही तरीके से इलाज कराए बगैर ही किशोरी को पिता को पुलिस ने जेल भेज दिया। पत्नी ने विधायक के दबाव में बिना इलाज जेल भेजने का आरोप लगाया।
4 अप्रैल को पीड़ित की पत्नी (किशोरी की मां) की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया लेकिन विधायक के भाई का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया।
8 अप्रैल को किशोरी ने विधायक पर आरोप लगाते हुए अपनी मां, दादी व बहनों के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया।
8 अप्रैल की रात करीब 9 बजे किशोरी के पिता की न्यायिक हिरासत में जेल में पेट दर्द हुआ। जेल अधिकारियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
9 अप्रैल की सुबह किशोरी के पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद मामला सुर्खियों में आया।
9 अप्रैल की रात पुलिस ने मृतक की पत्नी को दोबारा तहरीर देने और विधायक के भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया।
10- अप्रैल को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई जिसमें किशोरी के पिता की मौत के पीछे पिटाई से आंत में हुए छेद और स्राव से संक्रमण फैलने से मौत होने की पुष्टि हुई।
11- अप्रैल को एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद विधायक के भाई अतुल सिंह सहित पांच लोगों पर किशोरी के पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
12- अप्रैल को पुलिस ने विधायक के भाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।