कानपुर । रेलवे अफसरों के साथ अनवरगंज मंधना रेलवे लाइन का जरीबचौकी चौराहे से आईआईटी तक सर्वे करने वाले सेतु निगम और एनएच पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इस रेलवे लाइन को ही शिफ्ट करने पर जोर दिया है। सर्वे में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिशासी अभियंता अरविंद श्रीवास्तव भी शामिल रहे हैं। सँयुक्त समिति की अगली बैठक आगामी गुरुवार को होगी। रेलवे लाइन हटनी चाहिए - सेतु निगम सर्वे में शामिल सेतु निगम के निदेशक राकेश कुमार सिंह का मानना है कि अनवरगंज से मंधना के बीच रेलवे क्रॉसिंगो में पुल बनाने में बहुत खर्च आएगा। गुमटी सहित कई क्रासिंग में रेलवे ओवर ब्रिज बनाने के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है। निदेशक के विचार से इस रेलवे लाइन को ही यह से हटाकर मंधना से पनकी होते हुए दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक से जोड़ा जाना चाहिए। इससे इन क्रासिंग में लगने वाले जाम से निजात मिल जाएगी। ट्रैक हटने से खाली हुई जमीन पर सड़क बनाई जा सकती है या केडीए उसका शहर हिट में उपयोग कर सकता है। रेलवे लाइन थाना ही सही विकल्प सर्वे करने वाली कमेटी में शामिल एनएच पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता एचएस उस्मानी ने भी रेलवे ट्रैक को हटाने जोड़ दिया। उनके अनुसार गोल चौराहे से आईआईटी तक मेट्रो रेल का कार्य चल रहा है। मेट्रो के एलिवेटेड फ्लाईओवर की ऊंचाई 17 मीटर है। इससे ज्यादा ऊँचाई से अनवरगंज मंधना रेलवे लाइन के लि फ्लाईओवर बनाना कठिन होगा। लागत भी बहुत ज्यादा आएगी। शिफ्टिंग न हो तोकोका कोला क्रॉसिंग, जरीब चौकी आदि क्रासिंग में फ्लाईओवर बन सकते हैं।