फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाड़े से भागे मवेशियों ने गेहूं की फसल को बनाया निवाला

विज्ञापन
विज्ञापन
घाटमपुर (कानपुर)। शासन की ओर से छुट्टा मवेशियों के लिए गांव पंचायत स्तर पर बाड़े और न्याय पंचायत स्तर पर आश्रय स्थल बनवाए गए हैं। लेकिन, आश्रय स्थलों का हाल यह है कि वहां बंद मवेशी भूख से बेहाल होकर बाड़ों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला घाटमपुर कस्बे के वीरपुर गांव में बने आश्रयस्थल में देखने को मिला।
विज्ञापन

बाड़े में बंद मवेशी आसपास लगी कटीले तारों की बाड़ तोड़कर बुधवार की रात में बाहर निकल गए और छह बीघे से अधिक गेहूं की हरी-भरी फसल को चरकर बर्बाद कर दिया। किसान ने शिकायत तहसील में दर्ज कराई है। गांव निवासी धर्मवीर सिंह ने बताया कि रेल लाइन के पास 10 बीघे में छुट्टा मवेशियों के लिए आश्रयस्थल का निर्माण करवाया गया है। वहां पर करीब 65 गाय, बछड़े और सांड़ कैद हैं। बताया कि आश्रयस्थल के पास ही उनके 10 बीघा खेतों में गेहूं की फसल बोई थी। बुधवार रात भूख से परेशान मवेशियों ने बाड़े के कंटीले तारों की परवाह न करते हुए तोड़ दिया, और खेतों पर धावा बोला। बताया कि सुबह जब खेतों पर पहुंचे तो देखा कि मवेशी छह बीघे से अधिक गेहूं की फसल बर्बाद कर चुके थे। किसान ने बताया कि तहसील में शिकायत की है। तहसीलदार विजय यादव ने बताया कि वीरपुर गांव में आश्रयस्थल से निकलकर मवेशियों द्वारा किसान की छह बीघा फसल चरने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। जानकारी करने के साथ बीडीओ से रिपोर्ट तलब करेंगे। पशु आश्रयस्थल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे।
वहीं, वीरपुर गांव के पास पशु आश्रयस्थल में बंद मवेशियों का भूख से हाल-बेहाल है। बाड़ा तोड़कर बाहर निकले कई मवेशी पास से गुजरी रेल लाइन के पास भी पहुंच गए। इसी दौरान ट्रैक पर गुजरी ट्रेन की चपेट में आ जाने से दो मवेशियों की मौत भी हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें