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फतेहपुर में पशु तस्करों से मिलीभगत पर दरोगा समेत सात सस्पेंड

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फतेहपुर। पशु तस्करी के नेटवर्क में शामिल पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। पहली बार जिले में तस्करों से साठगांठ रखने वाले एक दरोगा और पांच हेड कांस्टेबल समेत सात कर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है। इनके खिलाफ एफआईआर भी हो सकती है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक पशु तस्करी में शामिल कौशांबी निवासी पप्पू के हत्थे चढ़ने के बाद एसटीएफ ने हाईवे के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों की कुंडली तैयार की थी। आरोपी इलाहाबाद से पूरे हाईवे का नेटवर्क संचालित करता था। कुछ दिनों पहले एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलास्तरीय जांच कराई गई। जांच में पता चला कि

पशु तस्करों से जिले के थानों में तैनात कई पुलिस कर्मी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तरीके से संलिप्त हैं। पुलिस अधीक्षक राहुल राज ने शनिवार शाम जहानाबाद थाने के कस्बा इंचार्ज एसआई महेंद्र कुमार वर्मा, खागा हाईवे की यूपी 100 में तैनात हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार सिंह गौर, ललौली थाने के हेड कांस्टेबल शाहनवाज हुसैन, महिचा मंदिर चौकी में तैनात हेड कांस्टेबल आनंद राय, थरियांव थाने में तैनात हेड कांस्टेबल प्रभु नारायण पांडेय, थरियांव थाने के
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हसवा हाईवे की यूपी 100 में तैनात हेड कांस्टेबल झुल्लर पाल, सीओ खागा के ड्राइवर लालता प्रसाद मिश्रा को निलंबित किया है। बता दें कि उपनिरीक्षक महेंद्र वर्मा एक पखवारे पहले खागा की मझिलगांव चौकी से हटाए गए थे। एसपी राहुल राज ने उच्चस्तरीय जांच और जिले के अधिकारियों की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की गई है। पुलिस और तस्करों की मिलीभगत के एसटीएफ के सबूत मिलने की अमर उजाला ने 22 नवंबर को खबर प्रकाशित की थी। खबर के बाद हाईवे के थानों की पुलिस हरकत में आई और धरपकड़ का सिलसिला चालू किया।
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पशु तस्करी में शामिल एक दरोगा समेत सात सस्पेंड
एसटीएफ की रिपोर्ट आने के बाद एसपी ने की कार्रवाई
प्रतिबंधित, गैरप्रतिबंधित मवेशियों की तस्करी में रहा सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
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