फर्रुखाबाद। नए साल यानी 2018 से किसानों को बिना आधार के खाद भी नहीं मिल पाएगी। शासन ने खाद दुकानों पर पॉश मशीनें लगाना जरूरी कर दिया है। मशीन पर किसान का अंगूठा लगवाया जाएगा उसके बाद ही खाद मिलेगी। आधार न होने की स्थिति में किसान को खाद नहीं मिल पाएगी। हां अभी करीब पंद्रह दिन का समय है, किसान जल्द से जल्द अपने आधार कार्ड बनवा लें।
खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग रोकने को खाद दुकानों में पॉस मशीनें लगाई जा रही हैं। जिले में लगभग 550 खाद की दुकानें पंजीकृत हैं। लगभग सवा चार सौ दुकानों में पॉस मशीनें लगाई जा चुकी हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ राकेश कमार सिंह ने बताया कि मशीनें खाद कंपनियों की ओर से लगाई जा रही हैं। इसका दुकानदारों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। मशीन से खाद के मूल्य और मात्रा की पर्ची भी निकलेगी। इससे एक तो विक्रेता
खाद की कालाबाजारी नहीं कर पाएंगे दूसरे किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक दाम भी नहीं ले पाएंगे। कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों को खाद लेनी है तो जल्द से जल्द आधार कार्ड बनवा लें। खाद खरीद के लिए दुकानों पर आधार कार्ड ले जाना भी अनिवार्य होगा।
सरकारी एंजेसियों से बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र खरीद के साथ धान, गेहूं और अन्य कृषि उपज की बिक्री के लिए किसानों का आनलाइन पंजीकरण जरूरी है। जिले में 185102 सीमांत, 30262 सीमांत और 15727 बड़े सहित कुल 231091 किसान हैं। किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया करीब दो साल से चल रही है। इसके बावजूद कृषि विभाग अभी तक केवल 187875 किसानों का ही पंजीकरण कर पाया है।
जानकारी के अभाव में ज्यादातर छोटे किसानों ने अभी तक आनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है। इसी कारण कृषि विभाग के पास 700 क्विंटल गेहूं बीज बच गया है। विभाग को इस साल 2658 क्विंतल, सरकारी समितियों को 1000 क्विंतल और एग्रो व इफको को 200 क्विंतल गेहूं बीज दिया गया था। गेहूं बोवनी का लक्ष्य 77 हजार हेक्टेयर है, इसमें 57.50 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है, इसके बावजूद अभी बीज बचा है। इससे यही लगता है कि पंजीकरण के अभाव में किसान नया बीज नहीं ले पाए हैं।
बिना आधार नहीं मिल पाएगी खाद
जिले की सभी खाद दुकानों में लगाई गईं पॉस मशीनें
अमर उजाला ब्यूरो