अमर उजाला ब्यूरो
सौरिख। रिश्तेदारी में दावत खाकर लौट रहे नगला बिहारी निवासी रामबहादुर सविता (48) पुत्र जौहरीलाल का शव 21 घंटे बाद गोताखोरों ने नदी से निकाल पाया। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। शव को निकालने के लिए पुलिस लाइन से प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया गया था।
सोमवार की सुबह पुलिस लाइन से मेंहदीघाट निवासी गोताखोर संजू, जयचंद्र, अजय पाल, ब्रजेश, लालसिंह, हरी सिंह व रवि ईशननदी के जसमेड़ी घाट पर पहुंचे। इन लोगों ने नदी के पानी में रामबहादुर की तलाश की। छह किलोमीटर दूर बेहटा रामपुर घाट पर पुल के नीचे रामबहादुर का शव पानी में उतराता हुआ मिला। गोताखोरों ने शव को बाहर निकाला।
मालूम हो कि रामबहादुर सविता रविवार को रिश्तेदारी में मैनपुरी के ग्राम लुकुटपुर में दावत खाने गए थे। वापस लौटते समय वह नदी में डूब गए थे। थानाध्यक्ष रामप्रकाश पांडेय ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक रामबहादुर सविता के परिवार में पत्नी सरला देवी के अलावा तीन बेटियां नीतू, सीतू व अर्चना है, जबकि इकलौता बेटा मनीष (18) है। सबसे बड़ी बेटी नीतू की शादी हो चुकी है। मृतक भूमिहीन था और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। मृतक के भाई रमेश सविता ने घटना की सूचना थाने में दर्ज कराई है। एसडीएम मंशाराम ने बताया कि पीड़ित के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
21 घंटे बाद नदी से निकाला गया अधेड़ का शव
-दावत खाकर लौटते समय नदी में बह गया था
-पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम को भेजा