कलेक्ट्रेट के मालखाने में सालों से रखे 601 लावारिस असलहों की नीलामी का फैसला किया गया है। यह सभी असलहे ऐसे हैं जिनका कोई वारिस नहीं है और कुछ ऐसे हैं जो असलहों की दुकानें बंद होने पर जब्त किए गए थे।
कुछ हथियार तो 1973 के हैं। जंग लगने के कारण कुछ हथियारों का वजूद मिटने की कगार पर है। लाखोें रुपये कीमत के यह हथियार मालखाने में पड़े-पड़े खराब हो सकते हैं यहीं वजह है कि इन प्रशासन ने इन हथियारों की निलामी का फैसला किया है।
बताया गया कि प्रशासन नियमानुसार पहले भी इस तरह के हथियारों को किसी की सुपुर्दगी में दे सकता था पर ऐसा हुआ नहीं। इसके पीछे प्रमुख वजह किसी अफसर के इस विवाद में नहीं पड़ना बताया गया है।
एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि नीलामी के लिए शासन से गाइड लाइन मांगी जा रही है। पूछा जा रहा है कि किस आधार पर इनकी कीमत तय की जाए। वहां से आदेश मिलते ही हथियारों की बिक्री करके राजस्व जमा करा दिया जाएगा।