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अंधेरे में अखिलेश यादव का गांव, वजह 60 लाख की बकायेदारी

Wed, 05 Dec 2018 08:12 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

60 lakh rupees Dues on akhilesh yadav village of Electrical department 
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गांव सैफई में मौजूद सरकारी इमारतों पर बिजली विभाग की गाज लगातार गिर रही है। करीब सप्ताह भर पूर्व यहां की हवाई पट्टी की काटी गई बिजली तो जुड़ी नहीं, ट्रांजिस्ट हॉस्टल समेत चार सरकारी इमारतों की भी बिजली काट दी गई। इन चारों पर करीब 60 लाख रुपये की बकायेदारी है।  
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विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि सैफई के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पर 5.68 लाख रुपये व ट्रांजिस्ट हॉस्टल पर 36.41 लाख रुपये बिजली बिल का बकाया है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी डाक बंगला पर 5.68 लाख रुपये और कृषि उत्पादन मंडी परिषद पर 18.37 लाख रुपये के बिलों का बकाया बना हुआ है। 
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जब तक बिलों का भुगतान नहीं होगा, तब तक कनेक्शन जोड़े नहीं जाएंगे

उक्त धनराशि के जमा न होने पर बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक बिलों का भुगतान नहीं होगा, तब तक कनेक्शन जोड़े नहीं जाएंगे। इसके अलावा सैफई क्षेत्र में बिलों का बकाया जमा न करने और कटे हुए कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग करने पर 12 उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। 

गौरतलब है कि सपा सरकार में सैफई गांव में कई बड़ी-बड़ी सरकारी इमारतें बनवाई गईं। इन इमारतों में सुख सुविधा के लिहाज से एसी लगे हैं। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली बिलों के बकाया को लेकर शासन की स्पष्ट नीति बनी है। इसमें 10 हजार या उससे अधिक के बकायेदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उसी के तहत कार्रवाई की जा रही है।  
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