फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डकैतों के रहनुमा जा रहे थे बबुली कोल गैंग को असलहे पहुंचाने, पुलिस मुठभेड़ में 6 पकड़े गए

Sun, 06 Jan 2019 09:26 PM IST
दुष्यंत शर्मा क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
असलहों के साथ पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग को असलहा और कारतूस पहुंचाने जा रहे चित्रकूट के ग्रामीणों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। छह लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया जबकि एक फरार हो गया है। पकड़े गए ग्रामीणों में से दो लोग डकैतों के रहनुमा बताए गए हैं। आरोपियों में दो सगे भाई हैं। इनके कब्जे से 9 असलहे और 70 कारतूस बरामद हुए हैं। 
विज्ञापन


साढे़ पांच लाख के इनामी डाकू बबुली गैंग की तलाश में पुलिस टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। रविवार मानिकपुर, सरैंया, मारकुंडी और बहिलपुरवा थाने की पुलिस टीमें जब मानिकपुर क्षेत्र के कल्याणपुर जंगल की ओर पहुंचीं तो कई लोग पहाड़ की ओर जाते दिखाई दिए।

पुलिस टीम ने उन्हें ललकारा तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग कर पुलिस टीम ने छह लोगाें को दबोच लिया। देर शाम एसपी ने बताया कि मुठभेड़ में पकड़ा गया बाल्मीकि नगर मानिकपुर निवासी सुशील कुमार पाठक और सुनील पाठक पुत्रगण स्व.शिवशरण सगे भाई हैं।  इसके अलावा गढ़चपा निवासी रंजीत सिंह पुत्र रणजीत, भरभरवा निवासी बच्चीलाल पुत्र शंकर सिंह राजपूत, खदरा निवासी मौजीलाल कोल पुत्र सुखलाल और बेलहा निवासी सौखी लाल कोल पुत्र शिवराज को भी पकड़ा गया है। एक आरोपी केशव के भाग निकलने की जानकारी मिली है।

विज्ञापन

 

विज्ञापन

सभी डकैतों को असलहे देने जा रहे थे

इनके कब्जे से दो रायफल, पांच तमंचे, एक बंदूक, एक पिस्टल और 70 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। एसपी ने बताया यह सब डाकू बबु़ली कोल गैंग को असलहे देने जा रहे थे। आरोपी सगे भाईयों पर डकैतों की अक्सर मदद करने का आरोप है। इसके अलावा चार अन्य लोग जो पकड़े गए हैं वह सभी डकैतों को असलहे देने जा रहे थे। 

दो दिन से पुलिस टीम द्वारा मानिकपुर के सरैंया हनुआ और गढ़चपा के कुछ स्थानों पर छापेमारी की जानकारी मिल रही थी। शनिवार को गढ़चपा गांव से दो असलहे और दो लोगों के पकड़े जाने की सूचना थी लेकिन बताया गया था कि अभी इस दिशा पर और जांच पड़ताल की जा रही है। असलहों की खेप और कारतूसों के सप्लायरों की जानकारी शायद एसटीएफ को भी हुई थी लेकिन शनिवार को पुलिस अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बोलने से कतराते रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें