शहरी इलाकों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में 5जी ब्रॉडबैंड की सुविधा सस्ती मिलेगी। यह जानकारी आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने दी। वह यहां संस्थान में आयोजित 51वें विश्व दूरसंचार एवं सूचना समुदाय दिवस पर आयोजित कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. करंदीकर ने बताया कि 5जी के लिए गांवों में फ्रूगल 5जी टुवर्डस अफोर्डेबल रूरल वायरलेस ब्रॉडबैंड की सुविधा दी जाएगी। इसकी सुविधा शहरी इलाकों की अपेक्षा सस्ती होगी। बताया कि सेल्युलर वायरलेस कम्युनिकेशन के क्षेत्र में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। प्रो. करंदीकर ने बताया कि तमाम कोशिशों के बावजूद दुनियाभर में कई ऐसी जगहें हैं जहां आज भी ब्रॉडबैंड की सुविधा नहीं पहुंच पाई हैं।
बताया कि ब्रॉडबैंड जिन हिस्सों में नहीं पहुंच पाया है, उसके कई कारण हैं। इनमें महंगी तकनीक, बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी, बिजली की कम सप्लाई और भौगोलिक कारण भी शामिल हैं। इस दौरान एमएमयूटी के कुलपति प्रो. एसएन सिंह, डॉ. सीपी वर्मा, प्रो. रामकुमार, डॉ. कुमार वैभव, प्रज्ञा अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।
नए सिस्टम कर रहे तैयार
प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि जिन जगहों पर किसी कारण ब्रॉडबैंड नहीं पहुंच पाए हैं वहां यह सुविधा देने के लिए नए सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं। सिस्टम को नया डिजाइन करते हुए मल्टी ऑपरेटर तैयार किए जाएंगे। इससे सॉफ्टवेयर डिजाइन नेटवर्क की समस्या को दूर करके समस्या का हल निकाला जा सकता है।