कानपुर। अंतरराष्ट्रीय हालात और ईरान से जुड़े युद्ध के बाद अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। केंद्र सरकार ने औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली पीएनजी गैस की आपूर्ति में 20 प्रतिशत कटौती के निर्देश दिए हैं। इससे आने वाले दिनों में उद्योगों, फैक्टरियों और होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि घरेलू पीएनजी सप्लाई में किसी तरह की अभी परेशानी नहीं है।
नगर में पीएनजी गैस की सप्लाई करीब 575 स्थानों पर होती है। इनमें 125 फैक्टरियां और करीब 450 होटल, रेस्टोरेंट व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। अब इन सभी उपभोक्ताओं से पिछले छह माह में खपत हुई गैस का आंकड़ा मांगा जा रहा है। इसी आधार पर हर इकाई की गैस आपूर्ति में करीब 20 प्रतिशत तक कटौती लागू की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित होने के कारण यह कदम उठाया जा रहा है।
एक तरफ एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर शहर में संकट चल ही रहा है। अब पीएनजी सप्लाई में कटौती से औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सीयूजीएल (सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड) के अधिकारियों ने बताया कि सप्लाई में कटौती लंबी चली तो फैक्टरियों के उत्पादन और होटल-रेस्टोरेंट कारोबार की लागत बढ़ सकती है। इससे महंगाई में और इजाफा होगा। गैस आपूर्ति घटने की आशंका से कारोबारियों में चिंता बढ़ने लगी है। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो शहर में ऊर्जा संकट और गहराने की संभावना है।