Kanpur News: बता दें कि शिकायतों के निस्तारण की मॉनीटरिंग के लिए अफसरों को लगाया था, पर फरवरी में रैंकिंग सुधरने के बजाय आठ अंक लुढ़क गई। 5631 शिकायतों के फीडबैक में 3250 शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले।
कानपुर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की सख्ती के बावजूद फरवरी में आईजीआरएस पोर्टल पर आईं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण नहीं किया गया। सीएम कार्यालय से 5631 शिकायतों का फीडबैक लिया तो 42.28 फीसदी लोग असंतुष्ट मिले। इसकी वजह से जिले की रैंकिंग 103 अंकों के साथ 61वें पायदान पर पहुंच गई। जनवरी में 53वीं रैक हासिल हुई थी।
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जिलाधिकारी ने जिले की कमान संभालने के बाद से जनता दर्शन, निरीक्षण से अधिकारियों को काम के प्रति संवेदनशील बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए और जवाबदेही तय की थी। इससे जनवरी की रैंकिंग में 130 अंकों में 118 अंक मिले थे।
3250 शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले
शिकायतों के निस्तारण की मॉनीटरिंग के लिए अफसरों को लगाया था, पर फरवरी में रैंकिंग सुधरने के बजाय आठ अंक लुढ़क गई। 5631 शिकायतों के फीडबैक में 3250 शिकायतकर्ता असंतुष्ट मिले। 94 शिकायतें डिफाल्टर में रहीं। इससे साफ है कि आख्या लगाने वाले कर्मचारी मौके पर बिना जाए रिपोर्ट लगा रहे हैं।
जनता की समस्याओं को बेहतर लाने के लिए अफसरों-कर्मचारी पर सख्ती बरती जा रही है। असंतुष्ट लोगों से दोबारा बात कर समस्या निस्तारित की जाएगी। रैंक बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास होंगे। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी