कानपुर। हैलट के बाल रोग विभाग में सर्पदंश के अब तक 53 मामले आए हैं। इनमें 52 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। सभी मामले गंभीर स्थिति में आए थे। 22 मामले शहर, छह कानपुर देहात, चार फतेहपुर, तीन जालौन, सात उन्नाव, चार औरैया, तीन फर्रुखाबाद, दो हमीरपुर और दो हरदोई के थे। हमीरपुर से बेहद नाजुक हालत में लाया गया बच्चा तमाम प्रयासों के बावजूद बचाया नहीं जा सका। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमितेश यादव ने बताया कि सांप काटने के बाद के शुरुआती 60 मिनट (गोल्डन ऑवर) मरीज की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। डॉ. अरुण आर्या ने बताया कि सांप काटने का एकमात्र वैज्ञानिक और प्रामाणिक इलाज एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन है। डॉ. यशवंत राव ने बताया कि जिस हाथ या पैर में सांप ने काटा है, उसे हिलाए नहीं और लकड़ी की पट्टी का सहारा देते हुए कपड़े से हल्का बांध दें। कपड़ा टाइट न बांधें, नहीं तो खून का फ्लो बंद हो जाएगा और अंग हमेशा के लिए सड़ सकता है। तुरंत अस्पताल पहुंचें।