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हसवा ब्लाक प्रमुख की हिली कुर्सी

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। भाजपा समर्थित हसवा ब्लाक प्रमुख अमित लोधी के खिलाफ बुधवार को कई बीडीसी सदस्यों ने डीएम को अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र दिया। प्रमुख पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को तवज्जो न देनेे और विकास कार्यों में धांधली के आरोप लगाए हैं।

डीएम कुमार प्रशांत ने शपथ पत्र और हस्ताक्षर वाले प्रार्थना पत्र की पड़ताल कराने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।

बुधवार को सुबह 10 बजे सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख इंद्रसेन यादव सरोज के नेतृत्व में अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र डीएम कुमार प्रशांत को दिया गया। पूर्व प्रमुख के भाई सुरेंद्र सिंह यादव रसूलपुर भभैंचा से क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इन्हीं के शपथ पत्र के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव रखा गया।
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इसमें 70 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ होने का दावा किया गया है। इसमें आरोप लगाया कि ब्लाक प्रमुख अमित लोधी हर दो महीने में होने वाली क्षेत्र पंचायत की बैठक नहीं बुलाते। उन्होंने चतुर्थ राज्य वित्त योजना की धनराशि का दुरुपयोग किया है। क्षेत्र पंचायत में पहले कराए गए कार्यों के नाम बदलकर भुगतान कराया है।

बनवाए गए मार्गों में खुद के भट्ठे से लाकर घटिया किस्म की ईंटे बिछवा दी है। घटिया टाइल्स लगवा कर दोगुना भुगतान पास करा लिया है। ऐसी स्थिति में अमित लोधी का पदमुक्त किया जाना चाहिए। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव में शामिल बीडीसी को बुलाकर उनका पक्ष जाना।

इसमें धरमवीर, राम प्रकाश, शारदा प्रसाद, सत्य नारायन, राकेश कुमार लोधी, चंद्र प्रकाश, अवधेश, रूपवती, श्याम लाल, राम सरन, सरिता, दशरथ, सावित्री देवी, गुलजारी, शकुंतला देवी, सविता और सरोज देवी भी शामिल रहे।

17 लोग भी साथ नहीं : आनंद लोधी
हसवा ब्लाक प्रमुख अमित लोधी के भाई व पूर्व विधायक आनंद लोधी का कहना है कि 70 सदस्यों के साथ होने का झूठा दावा किया जा रहा है। असलियत तो यह है 17 लोग भी साथ नहीं हैं।

फर्जी हस्ताक्षर बनाकर अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र दिया गया है। ब्लाक प्रमुख के साथ भाजपा खड़ी है। हर स्थिति से निपटा जाएगा।

गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती हैं ब्लाक प्रमुख
हसवा ब्लाक प्रमुख अमित लोधी दो महीने से गुरुग्राम स्थित अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी किडनी में संक्रमण है। हालत में सुधार नहीं हो रहा है। पूरा परिवार उनकी तीमारदारी में लगा हुआ है। एक ओर वे जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं तो दूसरी ओर उनकी कुर्सी पर बन आई है।

हार के बाद से ही बुन रहे ताना बाना
फतेहपुर। सपा नेता इंद्रसेन यादव दो बार ब्लाक प्रमुख रहे। एक बार उनकी पत्नी आशा देवी प्रमुख चुनी गईं। 2017 के चुनाव में उन्होंने भाई सुरेंद्र यादव को मैदान में उतारा। इस चुनाव में उनके परिवार को हार मिली, जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर पाए थे।
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यही वजह रही कि वे शुरू से ही ब्लाक प्रमुख अमित लोधी का विरोध कर रहे हैं। हाल ही में क्षेत्र पंचायत के कामकाज की कुछ जांचें हुई थी। इसकी अगुवाई भी पूर्व प्रमुख का धड़ा कर रहा था।

हसवा ब्लाक प्रमुख की हिली कुर्सी
क्षेत्र पंचायत के 98 सदस्यों में 70 के साथ होने का किया दावा
डीएम ने एक-एक सदस्य को बुलाकर मामले की हकीकत जानी
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