उन्नाव। ग्राम प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि ने लेखपाल से साठगांठ कर फर्जी प्रस्ताव व ग्राम पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर कर 152 अपात्रों को कृषि भूमि के पट्टे दे दिए।
एक ग्राम पंचायत सदस्य ने तहसील दिवस से शासन तक शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बाद में उसने न्यायालय में गुहार लगाई तो कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। पुरवा कोतवाली पुलिस ने लेखपाल, ग्राम प्रधान और प्रधान प्रतिनिधि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
बीघापुर तहसील की गांव पूरनदासखेड़ा के मजरे त्रिपुरारपुर खुर्द के ग्राम पंचायत सदस्य रामनरेश यादव ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर भूमि पट्टा आवंटन में धांधली की शिकायत की। उसने लेखपाल चंद्रिका, ग्राम प्रधान रामेश्वर और प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ यादव पर फर्जीबाड़े का आरोप लगाया।
उसने न्यायालय को बताया कि अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने पुरवा कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। रामनरेश के मुताबिक 29 अप्रैल 2015 को खुली बैठक में जो कार्रवाई दिखाई गई है।
उसमें उसके हस्ताक्षर समेत कई अन्य हस्ताक्षर फर्जी हैं। फर्जीबाड़े के खिलाफ तीन जनवरी 2017 को बीघापुर तहसील दिवस में शिकायत की गई। इसके अलावा कमिश्नर समेत अन्य अफसरों से शिकायत की, लेकिन जांच नहीं कराई गई। सीजेएम अमित सिंह के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। कोतवाली प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू है।
-मिलीभगत कर 152 अपात्र लोगों के नाम कर दिए जमीन के पट्टे
-सीजेएम के आदेश पर पुरवा कोतवाली में दर्ज हुई रिपोर्ट, जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो