कानपुर। छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले 51 शैक्षणिक संस्थानों को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा 14 संस्थानों को बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एनआईसी में डीएम ने शुक्रवार को सभी दशमोत्तर शैक्षणिक संस्थाओं के साथ जूम मीटिंग की। इसमें पता चला कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के आवेदनों को आगे नहीं बढ़ाया गया है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल ने बताया कि एसएसटी, सामान्य, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के कुल 1,09,308 आवेदन आए थे।
इसमें 33,492 आवेदन संस्थान स्तर पर लंबित हैं। इस पर डीएम ने संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं से तुरंत हार्ड कॉपी लेकर 30 दिसंबर तक विभाग में आवेदन भेजें। बैठक में सामने आया कि विजन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, माता विद्यावती रामऔतार महाविद्यालय घाटमपुर, महाराणा प्रताप कॉलेज ऑफ टेक्निकल स्किल आईटीआई, साक्षी कॉलेज ऑफ फार्मेसी और विमला आईटीआई से विभाग में एक भी छात्रवृत्ति आवेदन नहीं आया।
इसी तरह एक्सिस इंस्टीट्यूट फार्मेसी, एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग मैनेजमेंट, सिटी मॉडल डिग्री कॉलेज बेलामऊ, जनता शिक्षण संस्थान महाविद्यालय घाटमपुर और श्रीनारायण सिंह महाविद्यालय बरीगवां भीतरगांव सहित 14 संस्थानों की ओर से बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं करने की बात पता चली।
इस पर डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर से तीन दिन में प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए। वहीं जनता शिक्षण संस्थान घाटमपुर, सिटी मॉडल डिग्री कॉलेज बेलामऊ, डॉ. अतर सिंह कैलाश कुमार विधि महाविद्यालय, बारादेवी प्रा.आईटीआई, पं. आरके शुक्ला कालेज ऑफ लॉ अमिलिहा और सैंट कैथरिन हॉस्पिटल के प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए।