कानपुर। जेके कैंसर इंस्टीट्यूट, हैलट और शहर के दूसरे अस्पतालों में कैंसर का इलाज कराने आने वाले 50 हजार रोगियों को दवाएं सस्ती होने का लाभ मिलेगा। इसी तरह डायबिटीज के पांच लाख रोगी दवाएं सस्ती होने पर लाभान्वित होंगे। केंद्रीय बजट में डायबिटीज और कैंसर आदि रोगों की दवाएं सस्ती करने का प्रावधान किया गया है।
जेके कैंसर इंस्टीट्यूट में आसपास के 17 जिलों के रोगी इलाज कराने आते हैं। 24 हजार रोगी पुराने हैं तो नियमित दवाएं खा रहे हैं। इसके अलावा हर साल औसत छह हजार कैंसर रोगियों में इजाफा हो जाता है। कैंसर इंस्टीट्यूट के अलावा रोगी हैलट तथा निजी क्षेत्र के अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाते हैं। अस्पतालों के आंकड़ों के आकलन के मुताबिक 50 हजार रोगी सालाना इलाज कराते हैं।
जेके कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एसएन प्रसाद का कहना है कि केंद्रीय बजट में कैंसर रोगियों के हित में प्रावधान किया गया है। इससे रोगियों को बहुत राहत मिलेगी। दूसरी तरफ डायबिटीज के रोगियों में लगातार वृद्धि हो रही है। अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक, साल में पांच लाख रोगी शहर के डॉक्टरों से डायबिटीज का इलाज कराते हैं। सीनियर फिजीशियन और मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल कुमार गुप्ता का कहना है कि डायबिटीज की दवाएं सस्ती होने से रोगियों को बहुत राहत हो जाएगी। डायबिटीज के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। दवाएं महंगी होने से बहुत से रोगी बीच-बीच में दवा छोड़ भी देते हैं। उनके लिए आसानी रहेगी।