सीएसजेएम विश्वविद्यालय की कार्यशाला में दी गयी जानकारी
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युवाओं में जोड़ व मांसपेशी के दर्द की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। करीब 50 फीसद युवा किसी न किसी समस्या से परेशान हैं। कानपुर में ये बातें सोमवार को बीएलके सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के विभागाध्यक्ष व निदेशक डॉ. धर्म पी पांडेय ने कहीं। वह यहां छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे।
डॉ. धर्म पांडेय ने कहा कि जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द अनियमित दिनचर्या के चलते होती है। इस दर्द की कोई दवा नहीं है, बल्कि फिजियोथेरेपी के जरिए ही राहत मिल सकती है। डॉ. पांडेय ने फिजियोथेरेपी की अत्याधुनिक तकनीक फंक्शनल मूवमेंट एनालिसिस एंड ट्रीटमेंट स्ट्रेटजी (एफमैट्स) के बारे में भी बताया।
कहा कि एफमैट्स इस दर्द में सबसे कारगर है। इसमें जोड़ों व मांशपेशियों की कार्य प्रणाली का वैज्ञानिक विधि द्वारा परीक्षण किया जाता है। एफमैट्स के जरिए विभिन्न हड्डी रोग, न्यूरोलॉजिकल रोग, स्पोर्ट्स इंजरी का भरपूर इलाज कर सकते हैं।