कानपुर के मसवानपुर, पुरानी बस्ती में करीब 50 परिवारों के पास न तो राशन कार्ड हैं और न ही लेबर कार्ड। ऐसे में इन परिवारों को राशन की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। रोज-कमाने खाने वाले इन परिवारों को कहीं से कोई मदद भी नहीं मिल पा रहीं हैं।
यहां रहने वाले अधिकतर लोग दिहाड़ी मजदूर और ठेले वाले हैं। 22 मार्च से जनता कर्फ्यू लगने के बाद से कोई भी काम पर नहीं गया। लॉकडाउन लागू होने के बाद इन परिवारों के पास बचा-कुछा पैसा भी खत्म हो गया। कई घरों में राशन खत्म हो चुका है तो कई घरों में खत्म होने की कगार पर है।
इन परिवारों का कहना है कि उनके पास राशन कार्ड या फिर लेबर कार्ड नहीं है। कई बार उन्होंने राशन कार्ड बनवाने के प्रयास किए लेकिन उन्हें सुविधा नहीं मिल सकी। ऐसे में उन्हें सस्ते सरकारी राशन का लाभ नहीं मिल सकेगा। रोज-कमाने खाने के कारण ज्यादा पैसा पास नहीं है। ऐसे में अब राशन की किल्लत बढ़ने लगी है।