फतेहपुर। विजिलेंस टीम ने पूर्व जिला आबकारी अधिकारी समेत नौ विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ गुरुवार रात कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की विवेचना भी विजिलेंस करेगी। रिपोर्ट की सूचना शासन को भेजी गई है। सूत्रों के मुताबिक प्रकरण में निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है।
इलाहाबाद विजलेंस टीम के निरीक्षक सामंतभद्र शुक्ल ने पूर्व जिला आबकारी अधिकारी निरंकार नाथ पांडेय, निरीक्षक रवींद्र प्रसाद, निरीक्षक दिनेश खरे, निरीक्षक प्रवीण कुमार शुक्ल, प्रधान आबकारी कांसटेबल कृष्ण कुमार, रामकृष्ण, आबकारी सिपाही आसिफ अल्वी, पंकज कुमार, शिवबरन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के
साथ धोखधड़ी, फर्जी अभिलेख तैयार करने आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक 2016-17 में जिले में तैनात रहे जिला आबकारी अधिकारी निरंकार नाथ पांडेय ने कानपुर-इलाहाबाद हाइवे से शराब से भरा ट्रक पकड़े जाने का दावा किया था। इसमें पांच सौ पेटी और तीन सौ पेटी शराब की अलग-अलग बरामदगी दिखाई थी। मामले में अन्य लोगों के साथ ही जिले के एक अनुज्ञापी को भी आरोपी बनाया था। अनुज्ञापी
ने खुद को फर्जी फंसाए जाने का आरोप लगा तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी और टीम के खिलाफ विजिलेंस में शिकायत की थी। विजलेंस टीम कई महीनों से प्रकरण की जांच कर रही थी। सूत्रों के मुताबिक जांच में शराब जिले के बजाय रायबरेली की सीमा में पकड़े जाने के पुख्ता सबूत मिले। इतना ही नहीं दोनों खेप एक ही स्थान से पकड़ी गई थी। जबकि आबकारी अधिकारी ने दो बार में शराब जिले में पकड़े जाने की लिखा पढ़ी की थी। आबकारी अधिकारी जिले से स्थानांतरण के बाद गोंडा जिले में तैनाती मिली थी। कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर शासन को सूचना दी गई है।
पूर्व आबकारी अधिकारी समेत नौ कर्मियों पर रिपोर्ट
विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार अधिनियम व धोखाधड़ी की धाराओं में दर्ज कराई रिपोर्ट
आठ सौ लीटर शराब की खेप पकड़े जाने का मामला, शासन को भेजी गई सूचना
अमर उजाला ब्यूरो