फर्रुखाबाद। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत आमिलपुर में जिला प्रशासन की ओर से नगर पालिका को नौ एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के बावजूद शहर क्षेत्र का कूड़ा खाली पड़े प्लाटों और हाइवे किनारे ही फेंका जा रहा है। वहीं कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाए जाने का मामला भी नगर पालिका प्रशासन ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। प्लाटों में पड़े कूड़े में आग लगाए जाने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित भी कर रहा है।
फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों से रोजाना करीब एक टन से ज्यादा कूड़ा निकलह्यता है। शासन के आदेश पर अगस्त माह वर्ष 2017 को जिला प्रशासन ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत नगर पालिका प्रशासन को कूड़ा निस्तारण प्लांट एवं डंपिंग स्थल के लिए ब्लाक बढ़पुर क्षेत्र के गांव आमिलपुर में नौ एकड़ जगह उपलब्ध करवा दी थी। जगह मिलने के बाद तत्कालीन ईओ रोली गुप्ता ने कहा था कि शहर क्षेत्र का सारा कूड़ा अब खाली
पड़े प्लाटों और मुख्यमार्गों पर नहीं डाला जाएगा। पर नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते अभी भी शहर क्षेत्र से निकलने वाला कूड़ा खाली पड़े प्लाटों और मुख्यमार्गों पर ही फेंका जा रहा है। इससे नगरवासियों के साथ ही बाहर से गुजरने वाले लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। आमिलपुर में जगह मिलने के बाद पालिका के अफसरों ने कहा था कि कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए सीएनडीएस संस्था को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा लेकिन इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। प्लाटों में डाले जाने वाले कूड़े में आग लगाने से उठने वाले धुएं से जहरीला प्रदूषण भी फैल रहा है। इस संबंध में ईओ पीके श्रीवास्तव से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। बड़े बाबू जितेंद्र मिश्र ने बताया कि चुनावी बैठक में होने के चलते फोन बंद होगा।
डंपिंग ग्राउंड के बाद भी सड़क पर फेंक रहे कूड़ा
आमिलपुर में जगह मौजूद, फिर भी प्लाटों-मुख्यमार्गों पर पड़ रहा कूड़ा
कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने को नौ एकड़ भूमि कराई जा चुकी है उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो