अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की सर्विस रोड पर महिला से लूटपाट कर भाग रहे लुटेरों को दूसरे दिन पुलिस ने जेल भेज दिया। पकड़े गए लुटेरों के खिलाफ फर्रुखाबाद जिले के थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं।
ज्ञात हो कि रविवार की शाम को गुड्डी देवी पत्नी सुभाष निवासी मायापुर्वा और उसके पुत्र सौरभ को तमंचा लगाकर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की सर्विस रोड के पास तमंचा लगाकर उमेश नट पुत्र मन्नालाल और राजवीर पुत्र लालसहाय लोधी निवासी योधापुर जहानगंज फर्रुखाबाद बाइक सवार ने लूटपाट कर ली थी। भागते समय ग्रामीणों की मदद से तालग्राम थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने दोनों लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पुलिस कार्यालय में खुलासे के दौरान उमेश ने बताया कि वह 10 सालों से फर्रुखाबाद जेल में था। 21 सितंबर को ही छूट कर बाहर आया था। पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर ने बताया कि पकड़े गए लुटेरे बेहद शातिर हैं। फर्रुखाबाद थाना जहानगंज, मऊ दरवाजा, शमशाबाद में उमेश नट पर फर्रुखाबाद के विभिन्न थानों में 10 मुकदमे और राजवीर लोधी पर 21 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों को पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं ग्रामीणों की मदद से पकड़े गए लुटेरों की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक ने पांच ग्रामीणों को सम्मानित करने का भी फैसला लिया।
कन्नौज जेल में खुद को बताया खतरा
कन्नौज। पुलिस की गिरफ्त में आए शातिर हिस्ट्रीशीटर अपराधी उमेश नट ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि कन्नौज की जिला जेल में उसके कुछ दुश्मन बंद हैं। इससे वहां उसकी जान को खतरा है। उसे कन्नौज जेल के अलावा किसी भी जेल में भेज दिया जाए।
10 साल बाद जेल से छूटकर आया था लुटेरा
-तालग्राम में लूटपाट कर भाग रहे लुटेरों को पकड़ कर दूसरे दिन भेजा गया जेल