कानपुर। अगले साल जनवरी तक शहर के 40 प्रमुख चौराहों का कायाकल्प किया जाएगा। गाइडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर ट्रैफिक (प्रोजेक्ट गिफ्ट) के तहत चौराहों पर लेफ्ट फ्री, जरूरत के अनुसार यू-टर्न, दिशासूचक बोर्ड और रोड मार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। सभी चौराहों के साइट प्लान तैयार होने के साथ डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित विभागों को तय समयसीमा में काम पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौराहों का विकास यातायात दबाव, सड़क सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाए। लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, नगर निगम और केडीए को आपसी समन्वय से काम करनन्के लिए को कहा गया।
इन चौराहों पर सुधरेंगी व्यवस्थाएं
रामादेवी, टाटमिल, रावतपुर, घंटाघर, डिप्टी पड़ाव, मूलगंज, सरसैया घाट, एलएलआर अस्पताल, आर्यनगर, फजलगंज, चावला मार्केट, सचान, बर्रा बाईपास, विजय नगर, जरीब चौकी, अफीम कोठी, गोल चौराहा, बारा देवी, नौबस्ता, फूलबाग, कल्याणपुर मेट्रो स्टेशन, गुमटी नंबर-5, जाजमऊ, किदवईनगर, नयागंज और कोकाकोला समेत अन्य चौराहे।
लापरवाही पर चार अफसरों को नोटिस
बैठक में स्कूली वाहनों की सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और संबंधित एआरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। ब्लैक स्पॉट के दुर्घटना ऑडिट में लापरवाही पर लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिशासी अभियंता को भी नोटिस जारी करने के लिए कहा। उन्होंने स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच, चालकों का मेडिकल चेकअप और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। छात्राओं वाली बसों में महिला कर्मचारी की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।